
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की पारदर्शी जांच और सार्वजनिक जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति या संस्था की छवि खराब करने की कोशिश नहीं कर रही है, बल्कि उन सवालों को उठा रही है जो राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे और उसके प्रबंधन को लेकर सामने आए हैं।
इमरान मसूद ने कहा कि राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसलिए उससे जुड़े हर आर्थिक लेन-देन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट की व्यवस्था कुछ लोगों तक सीमित दिखाई देती है और आम लोगों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है कि मंदिर को कुल कितना चंदा प्राप्त हुआ और उसका उपयोग किन कार्यों में किया गया। उनके अनुसार, जब श्रद्धालु अपनी आस्था के आधार पर दान देते हैं तो उन्हें यह जानने का भी अधिकार है कि उनकी ओर से दी गई राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि चंदे में कथित गड़बड़ी से जुड़े आरोप सामने आने के बाद अपेक्षा थी कि ट्रस्ट सभी तथ्यों को सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करेगा, लेकिन इसके बजाय मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि मूल मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही। मसूद ने कहा कि यदि ट्रस्ट का कामकाज पूरी तरह पारदर्शी है तो दान राशि के संग्रह, उसकी गणना और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के संचालन की तुलना वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से करते हुए कहा कि वहां की व्यवस्था को अक्सर पारदर्शिता और जवाबदेही के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। उनका कहना था कि राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थान में भी ऐसी ही व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं के बीच किसी तरह का भ्रम या संदेह न रहे।
इमरान मसूद ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। इसलिए चंदे और उसके प्रबंधन को लेकर उठ रहे सभी सवालों का स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही जितनी मजबूत होगी, लोगों का विश्वास भी उतना ही मजबूत बना रहेगा।