
Saharanpur : भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर महानगर में शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और झांकियों के साथ निकाली शोभायात्रा का शहर में अलग-अलग सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया। इस दौरान अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। परशुराम सामाजिक संस्था के तत्वावधान में निकाली गई शोभायात्रा दिल्ली रोड स्थित सब्जी मंडी से शुरू हुई और कोर्ट रोड होते हुए जनमंच सभागार पहुंची। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शाकम्भरी सिद्धपीठ से शहजानंद महाराज, सहारनपुर से पंडित अभिषेक कृष्णात्रें, पंडित प्रगीत कौशिक व खानपुर विधायक उमेश शर्मा समेत पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा और उनके छोटे भाई राहुल शर्मा रहे। कार्यक्रम में उस समय राजनीतिक गर्माहट दिखाई दी जब मंच से लोकसभा चुनाव में हुई हार का मुददा उठा। कार्यक्रम के शामिल होने के लिए गायक मासूम शर्मा भी पहुंचे थे।
शोभायात्रा में युवाओं में भारी जोश दिखा। ये युवा डीजे की धुन पर नाचते हुए चल रहे थे। इनमें से कुछ युवाओं के हाथों में फरसे थे तो कुछ के हाथों में ध्वज था। युवा इन फरसों को बार-बार हवा में लहरा रहे थे और नारेबाजी कर रहे थे। यह अलग बात है कि फरसा भगवान परशुराम का यंत्र था। इसे युवा प्रतीक के रूप में लहरा रहे थे। कोर्ट रोड पर शोभायात्रा का महापौर डॉक्टर अजय कुमार, नगर विधायक राजीव गुंबर और महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई के साथ बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने पुष्पवर्षा करते हुए स्वागत किया। केवल भाजपाई ही नहीं शोभा यात्रा का सपाइयों ने भी स्वागत किया। विधानसभा प्रभारी अभिषेक टिंकू अरोड़ा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य फैसल सलमानी, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी समेत बड़ी संख्या में सपाई मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मंच से पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा के भाई राहुल लखनपाल शर्मा ने लोकसभा चुनाव में मिली हार का मुद्दा उठा दिया। सिर्फ मुद्दा ही नहीं उठाया बल्कि इस हार के लिए अपनी ही पार्टी के दो बड़े नेताओं के जिम्मेदार ठहरा दिया। मंच से कहा कि आंतरिक गुटबाजी और कुछ नेताओं की स्वार्थ पूर्ण राजनीति के कारण भाजपा सहारनपुर से लोकसभा चुनाव हार गई। यह प्रहार यहीं तक नहीं रुके पूरे जोश के साथ राहुल लखन पाल ने कहा कि 2027 में इस हार का बदला लिया जाएगा। यह भी कहा कि समय आने दीजिए सच्चाई को सामने लाएंगे। राहुल लखन पाल शर्मा के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।