
Saharanpur MosqueDemolition Action: सहारनपुर में सरकारी जमीन पर अवैध मस्जिद निर्माण के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने के बाद अबBJP विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंहने पलटवार किया है। प्रयागराज पश्चिम से विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर कार्रवाई का राजनीतिक विरोध करने का आरोप लगाया है।
BJP विधायक ने कहा कि प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में है। उनका आरोप है कि समाजवादी पार्टी और खासतौर पर अखिलेश यादव अवैध निर्माण के खिलाफ होने वाली कार्रवाई का विरोध राजनीतिक वजहों से कर रहे हैं। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि जिस जगह पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई, वहां अवैध निर्माण की वजह से एक सार्वजनिक कुएं का इस्तेमाल प्रभावित हो रहा था। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों को इस सार्वजनिक सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अवैध निर्माण हटाए जाने पर भी पार्टी आपत्ति जता रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर प्रतिनिधिमंडल भेजा जा रहा है और राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है। BJP विधायक ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की इस पूरे मामले में आपत्ति विकास या जनहित से जुड़ी नहीं है, बल्कि इसके पीछे वोट बैंक की राजनीति है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का दर्द केवल वोट बैंक की राजनीति तक सीमित है।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इस दौरान उत्तर प्रदेश की BJP सरकार के कामकाज का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय प्रदेश में केवल चार हवाई अड्डे थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो एक्सप्रेस-वे थे, जबकि अब 11 एक्सप्रेस-वे विकसित किए जा चुके हैं। बीजेपी विधायक ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में काम हुआ है।
बीजेपी विधायक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश और उद्योग के साथ रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में विकास से जुड़े कई क्षेत्रों में काम आगे बढ़ा है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि सरकार के कामकाज का मूल्यांकन केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को भी देखा जाना चाहिए।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि जिन माफिया को पहले राजनीतिक संरक्षण मिलता था, उनके खिलाफ मौजूदा सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और इसका असर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। BJP विधायक ने दावा किया कि प्रदेश की जनता विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार के काम से संतुष्ट है।
अपने बयान के अंत में सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर विकास के मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अब हकीकत को देखने और प्रदेश में हो रहे काम को समझने का समय आ गया है। सहारनपुर की कार्रवाई को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच शुरू हुई यह राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।