
कांग्रेस नेता असीम वकार। फोटो सोर्स-IANS
Mosque Demolition Case Saharanpur: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को प्रशासन की ओर से गिराए जाने के बाद सोमवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडलों के सहारनपुर दौरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस नेता असीम वकार ने मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है।
कांग्रेस नेता असीम वकार ने सहारनपुर मस्जिद को गिराए जाने पर कहा, "सहारनपुर की मस्जिद में भी मैं यही कहना चाहता हूं, खाली सहारनपुर की नहीं, बाकी जितनी मस्जिदें तोड़ी गई हैं, उनमें भी वही कानून लागू होगा जो मंदिरों पर लागू होगा। सारे मंदिर जो BJP ने तोड़े हैं, उनका सवाल उठाया जाएगा। उनके पुजारियों को वापस वही मंदिर बनाकर दिए जाएंगे और मुसलमानों को भी वही मस्जिदें। सहारनपुर की मस्जिद जैसे तोड़ी है, ईदगाह तोड़ी है अवैध तरीके से, गैर-संवैधानिक काम है। आज के बाद कभी अवैध मत कहिएगा किसी धर्मस्थल को, चाहे मेरा हो, चाहे आपका।"
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए असीम वकार ने कहा, '' और अगर DM सहाब ये बता रहे हैं कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी थी तो मेरा उनसे सवाल है और DM साहब हिम्मत है तो जवाब दीजिएगा। एक लिस्ट जारी कीजिए आपके जिले में कितने धर्मस्थल सरकारी जमीन पर बने हैं? सरकारी जमीन का मतलब पार्क, सरकारी जमीन का मतलब थाने, सरकारी जमीन का मतलब सड़क, सरकारी जमीन का मतलब गली, मोहल्ला, सरकारी जमीन का मतलब हाईवे और सरकारी जमीन का मतलब रेलवे की जमीन। जितने भी सरकारी जमीन पर धर्मस्थल हैं उनकी लिस्ट जारी कीजिए और ये भी बताइए कि किस धर्म के वे धर्मस्थल हैं।''
वहीं, समाजवादी पार्टी ने मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई और मामले की कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। सपा सांसद अवधेश प्रसादने कहा कि सहारनपुर में एक बहुत पुरानी मस्जिद गिरा दी गई। अवधेश प्रसाद ने कहा कि अधिकारी की ओर से पहले कहा गया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को कोर्ट में भी ठीक से नहीं संभाला गया और निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए लोगों को पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह कार्रवाई जल्दबाजी में की गई, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और महंगाई, किसानों के मुद्दे, छात्रों की चिंताएं तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनाव पर असर डाल सकती है।
बता दें कि प्रशासन ने शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी मस्जिद को गिरा दिया था। प्रशासन की ओर से इसे अवैध बताया गया था। मस्जिद गिराने की कार्रवाई शुरू करने से पहले मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और सिटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर मौजूद थे।
जिला मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़कों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिरिक्त जिला बल (AGF) और सिटी पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) और रैपिड रिएक्शन फोर्स (RRF) के जवानों को भी तैनात किया गया था।
Updated on:
07 Sept 2026 02:12 pm
Published on:
07 Sept 2026 02:12 pm
