लोकसभा में सीटों को लेकर हो रहा मतभेद
नोएडा। उपचुनाव में भाजपा के खिलाफ बना महागठबंधन ने कैराना आैर नूरपुर में जीत पाने के बाद पार्टियों ने इसे 2019 में बनाए रखने का फैसला लिया था। लेकिन सपा आैर बसपा का यह गठबंधन बनने से पहले ही बिखरने की कगार पर है। इसकी वजह 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल इन पार्टियों के बीच सीटों को लेकर हुए मतभेद है।
महागठंधन में इस पार्टी ने किया इतनी सीटों के लिए दावा
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उत्तर प्रदेश में महागठबंधन के बीच 2019 में भाजपा के खिलाफ लोकसभा सीटों को लेकर रार हो सकती है। इसकी वजह सपा आैर बसपा में सीटों के लेकर शुरू हुआ मतभेद है। सूत्रों की माने तो यह सीटें पार्टियां 2014 में हुए चुनाव में जीत आैर दूसरे स्थान पर रहने को लेकर चिन्हीत कर रही है। इस तरह बसपा सुप्रीमों मायावती उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में से 40 सीटों की मांग की है। वहीं समाजवादी भी 35 से ज्यादा सीटों पर अपनी दावेदारी ठोक रही है। इसकी वजह विधानसभा चुनावों में सपा के यूपी में भाजपा से दूसरे स्थान पर होना है।
इस वजह से बिखर सकता है गठबंधन
महागठबंधन बिखरने की वजह लोकसभा में पार्टियों के सीटों को लेकर बटवारा हो सकता है।सूत्रों की माने तो इसकी वजह बसपा अौर सपा द्वारा आंधे से ज्यादा सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करना है।एेसे में कांग्रेस आैर आरएलडी के लिए तीन से चार सीट बचती है।जिस पर वह सहमत नहीं है।एेसे में अगर बसपा उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटों में आंधे से ज्यादा सीटों की मांग पर अड़ी रही।तो यह महागठबंधन टूट सकता है।वहीं महागठबंधन की पार्टियों से लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे।प्रत्याशियों के सांसें थमी हुर्इ है।