सहारनपुर

Accident में मरने वाले Inspector Arun kumar की बेटी का फाेन सुनकर भर आई Ssp की ”आँखे”

काेतवाल की बेटी ने Saharanpur Ssp काे किया था कॉल कॉल करके कहा था सर प्लीज मेरे पापा काे बचा लाे काेतवाल Arun kumar की पत्नी की पहले ही हाे चुकी है माैत बच्चाें के लिए मां और पिता दाेनाें ही थे Inspector arun kumar

3 min read
inspector arun kumar

सहारनपुर। यह खबर आपकी संवेदनाओं काे झकझाेर कर रख देगी। Road accident में मरने वाले Inspector Arun Kumar की बेटी ने जब saharanpur Ssp Dinesh kumar P काे फाेन करके कहा कि सर प्लीज मेरे पापा काे बचा लाे ताे यह सुनकर एसएसपी की भी आंखे भर आई। दरअशल Arun Kumar सिर्फ एक पुलिसकर्मी ही नहीं थे अपने बच्चाें के लिए माता-पिता भी थे। उनकी पत्नी पहले ही इस दुनिया से जा चुकी थी। पत्नी की माैत के बाद एक पिता और पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी निभाते हुए ही वह मां का किरदार भी भलिभांति निभा रहे थे। जब काेतवाल की बेटी ने राेते हुए फाेन पर यह बात Ssaharanpur Ssp काे बताई ताे उनकी भी आँखे भर आई।

एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने बताया कि Inspector arun kumar की दाे बेटियां हैं। अभी तक दाेनाें ही कुंवारी हैं। करीब पांच साल पहले अरुण कुमार की पत्नी का निधन हाे गया था। पत्नी के चले जाने के बाद उन्हाेंने कभी भी अपनी बेटियाें काे यह अहसास नहीं हाेने दिया कि उनकी मां नहीं है।

जब परिवार काे पता चला कि Arun kumar का लखनऊ हाईकाेर्ट बेंच जाते समय सैफई में एक्सीडेंट हाे गया है ताे परिवार में काेहराम मच गया। बड़ी बेटी ने सहारनपुर एसएसपी दिनेश कुमार काे फाेन कॉल की और रुदन भरी आवाज में बेटी ने बताया कि उनके घर में पापा ही सब कुछ हैं मम्मी भी नहीं है ताे यह सुनकर Saharanpur Ssp की भी आंखे भर आई।

काेतवाल Arun kumar की बेटी ने SSP से कहा कि ''सर प्लीज मेरे पापा काे बचा लाे, हमारे ताे वाे ही सबकुछ हैं, वाे हमारे सिर्फ परिवार के मुखिया नहीं है बल्कि पापा हाेने के साथ-साथ वह हमारी मां भी हैं'' काेतवाल की बेटी के इन शब्दाें काे सुनकर एसएसपी की आंखे भर आई। फाेन कॉल कटने के बाद उन्हाेंने डॉक्टराें से बात की और कहा कि पैसे की फिक्र ना करते हुए हर संभव इलाज दिलवाया जाए कुछ भी करके उनके इसंपेक्टर की जान बचा ली जाए लेकिन डॉक्टर भी अरुण कुमार काे बचा नहीं पाए।

कुछ घंटे बाद जब सहारनपुर में काेतवाल Arun kumar के इस दुनिया में नहीं रहने की खबर पहुंची ताे एसएसपी SSP Dinesh Kumar काे काेतवाल की बेटी के वाे शब्द याद आ गए जाे बेटी ने सुबह उन्हे फाेन पर कहे थे। इन शब्दाें काे याद करते हुए एसएसपी दिनेश कुमार अपने ही कार्यालय में भावुक हाे गए। इसके बाद उन्हाेंने विभागीय कार्यवाही के लिए सीओ सदर काे पुलिसकर्मियाें की एक टीम के साथ इटावा के लिए रवाना किया।

कंधा देने के लिए मेरठ पहुंचे एसएसपी

इंस्पेक्टर अरुण कुमार का एक्सीडेंट सैफई के पास हुआ था। उनका परिवार मेरठ में रहता है। यह देखते हुए एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि इंस्पेक्टर के शरीर काे सीधे मेरठ ही लाया जाए। यह निर्देश देने के साथ ही खुद एसएसपी दिनेश कुमार भी मेरठ पहुंच गए और इंस्पेक्टर काे सलामी देते हुए अर्थी काे कंधा दिया।

कांस्टेबल से निरीक्षक तक का सफर
मूल रूप से मेरठ के रहने वाले काेतवाली अरुण कुमार की पहली पाेस्टिगं बरेली में हुई थी। उस समय वह कांस्टेबल थे। दूसरी पाेस्टिंग पीटीसी सीतापुर में हुई और उप निरीक्षक पद प्रमाेशन मिलने के बाद उनकी तीसरी पाेस्टिंग जीआरपी मुरादाबाद में हुई। इसके बाद उपनिरीक्षक पद पर रहते हुए उन्हाेंने कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, फिराेजाबाद, कासगंज में अपनी सेवाएँ दी। निरीक्षक पद प्रमाेशन मिलने के बाद सहारनपुर में उनकी यह छठी पाेस्टिंग थी। इससे पहले वह हरदाेई, लखनऊ, मथुरा, फिराेजाबाद और आगरा में रहे।

UP News से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Uttar Pradesh Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..

Updated on:
10 Jul 2019 09:10 am
Published on:
08 Jul 2019 07:02 pm
Also Read
View All