परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए योगी सरकार ने नई पहल की है।
सहारनपुर. परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए योगी सरकार ने नई पहल की है। शिक्षक स्कूल आने वाले छात्रों को कोर्स में शामिल कविताओं और कहानियों को नाटकीय रुपांतरण के जरिये समझाएंगे। सरकार का मानना है कि इस तरह पढ़ाने से छात्रों की समझ में आसानी के साथ में पाठयक्रम आ जाएगा। शासन की तरफ से वेस्ट यूपी के सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश भेजे गए है। निर्देश मिलने के बाद में बीएसए ने स्कूलों में नाटकीय रुपांतरण के जरिये पढ़ाने के निर्देश शिक्षकों को दे दिए है।
प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियां कराई जाती है। बच्चों को खेल खेल में पढ़ाई कराई जाती है। प्ले स्कूलों में बच्चों को खेल खेल में अक्षर को समझाया जाता है। सरकार की माने तो निजी सकूलों कर तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी इसी तरह पढ़ाई कराए जाए। नाटकीय रुपांतरण के जरिये पढाई कराने का शासनादेश मिलने के बाद में स्कूलों में शिक्षकों ने पढ़ाई कराने की तैयारी शुरू कर दी है। एक से कक्षा 5 और 6 सेे आठ तक के बच्चों को सरकारी स्कूलों में इसी तरह पढ़ाई कराई जाएगी।
किए जाएंगे सम्मानित
सरकार की मंशा है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को क्वालिटी एजूकेशन मुहैया कराई जाए। ताकि सरकारी स्कूल के बच्चे निजी स्कूलों की तरफ स्मॉर्ट हो सके। स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार आए दिन नए-नए तरीका अपना रही है। लेकिन स्कूलों शिक्षा का स्तर नहीं सुधर रहा है।अब सरकार नाटक के द्धारा बच्चोंं को पढ़ाने पर विचार कर रही है। नाटकीय रुपांतरण के जरिए बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों व छात्रों को भी सरकार की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। दरअसल में नाटकीय रुपांतरण के जरिए बच्चों को किताब पढ़ाई कराई जानी है। ऐसे में शिक्षक व छात्र नाटक करेंगे। सरकार ने जिला प्रशासन को भेजे शासनादेश में कहा है कि पढ़ाई के दौरान नाटक करने वाले शिक्षक और बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
क्या कहते है अधिकारी
बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों की किताबों में शामिल सिलेबस को नाटकीय रुपांतरण के जरिये समझाने का निर्देश शासन ने दिए है। ऐसा करने से बच्चों की समझ में आसानी के साथ पाठयक्रम आ सकता है। साथ ही पढ़ाई को बोझ न समझकर बल्कि मंनोरजन के साथ रुचि लेकर छात्र पढ़ाई करेंगे।