
UP News सहारनपुर में पुलिस अब तक 303 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अपने बच्चों का ध्यान रखिए, यूपी के इस शहर में नशाखोरी चरम पर है ! यहां तेजी से युवा पीढ़ी नशे की गर्त में जा रही है। ऐसा हम नहीं कह रहे। ऑपरेशन सवेरा के तहत 303 लोगों की गिरफ्तारी का ग्राफ इस बात की वकालत करता है कि सहारनपुर में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। पकड़े गए इन लोगों से पुलिस ने करीब 20 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ बरामद किए हैं। इसका मतलब बिल्कुल साफ है कि यह 20 करोड़ रुपये किसी मां के बटुए, पिता की जेब या भाई के पर्स से जाने थे। पुलिस ने इन रुपयों को तो बचा लिया लेकिन अपने बच्चों को बचाना आपकी जिम्मेदारी है, क्योकि अगर एक बार भी आपका बच्चे को इस नशे की लत लग गई तो समझ लीजिए आपका बच्चा आपके हाथ से निकल जाएगा।
सहारनपुर पुलिस ने पिछले दिनो ''ऑपरेशन सवेरा'' शुरू किया था। इस अभियान के तहत नशे का काला कारोबार करने वालो पर शिकंजा कसा जाना था। आकड़े बताते हैं कि पुलिस का ''ऑपरेशन सवेरा'' अभियान काफी हद तक सफल रहा। यह अलग बात है कि अभी भी इस कारोबार के बड़े तस्कर पुलिस के हाथों से दूर हैं लेकिन पुलिस इस अभियान के तहत अब तक 303 आरोपी तस्करों को गिरफ्तार कर उन्हे जेल की सलाखों के पीछे तक पहुंचाने में सफल रही है। इनके अलावा 202 के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पकड़े गए इन आरोपी तस्करों के पास से पुलिस ने करीब 20 करोड़ रुपये कीमत के 83.76 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद होने का दावा किया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी का कहना है कि, अभियान के तहत अब तक 19.03 किलोग्राम चरस, 9.56 किलोग्राम स्मैक, 44.40 किलोग्राम डोडा पोस्त और करीब 10.77 किलोग्राम अफीम भी बरामद हुई। इन अलग-अलग मामलों में सबसे बड़ी बरामदगी 500 ग्राम और 504 ग्राम स्मैक की है। इन दो मामलों में ही करीब 2.80 करोड़ रुपये कीमत की स्मैक की रही। पुलिस ने पकड़े गए इन आरोपी तस्करों के खिलाफ अलग से कार्रवाई भी की है। गैंगस्टर अधिनियम के तहत अब तक 9 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली जा चुकी है जबकि 11 आरोपियों को गुंडा अधिनियम के तहत निरुद्ध किया गया है।
ये तो पुलिस की कार्रवाई हुई। इन आकड़ों का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि जिले से नशा तस्करी बंद हो गई हो। पुलिस की इस कार्रवाई से ये भी पता चलता है कि सहारनपुर में कितने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ की तस्करी हो रही है। इसलिए एक जिम्मेदार मीडिया संस्थान होने के नाते हम आपको सचेत कर रहे हैं कि अपने बच्चे पर नजर रखें। आपके बच्चों के दोस्त कौन-कौन हैं इस ध्यान दें। बच्चों से बात करें। अगर आपका बच्चा गुमशुम रहता है, अधिक सोता है, वॉसरूम में अचानक से ज्यादा समय लेने लगा है या फिर घर से पैसे गायब होने लगे हैं तो ऐसे में अतिरिक्त सावधान होने की जरूरत है। ये लक्षण बताते हैं कि आपका बच्चा डेंजर जोन के नजदीक है लेकिन समय रहते आप काउंसलिंग करके उसे नशे की गर्त में जाने से बचा सकते हैं।