सहारनपुर में गैंग के सदस्‍यों ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत उत्तराखंड की ढेरों महिलाओं से की ठगी
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक गैंग गर्भ में भ्रूण जांच के नाम पर महिलाओं से रुपये एेंठ रहा था। गैंग के मेंबर गर्भवती महिलाओं के पेट पर माइक घुमाकर बताते थे कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की। इस तरह हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत उत्तराखंड की ढेरों महिलाओं से ठगी की गई और उनसे अच्छी खासी रकम वसूली जा रही थी। एक स्टिंग ऑपरेशन में फंसने के बाद इस गैंग के सदस्यों ने अपना गुनाह कबूल किया। भंडा फूटने पर इन्होंने बताया कि वे सभी को लड़का बताया करते थे और इस तरह लड़कियों की जान बचा रहे थे।
सास नहीं चाहती बेटियां
आरोपियों ने बताया कि जो गर्भवती महिलाएं इनके पास आती थीं, उनमें से अधिकांश हरियाणा की होती थी। उनसे बात करने पर यह पता चलता था कि महिला तो संतान को जन्म देना चाहती है लेकिन इनकी सास को बेटी पसंद नहीं है। ऐसे में वे सभी को बताते थे कि महिला के पेट में जो शिशु है, वह लड़का है। इस तरह बच्चियों की भी जान बच जाती थी। इस गैंग के पकड़े गए सदस्यों ने यह भी बताया कि इनके पास ना तो कोई अल्ट्रासाउंड मशीन है और ना ही कोई विशेषज्ञ। इनके पास एक माइक मिला और इसको लैपटॉप से जोड़कर मोबाइल ऐप के जरिए वह एक फर्जी रिपोर्ट निकाला करते थे। इनका यह भी कहना है कि लड़का बताने पर अच्छे पैसे मिलते थे जबकि लड़की बताने पर महिलाएं पैसे देने में आनाकानी करती थी, इसलिए इन्होंने योजना बनाई कि सभी को लड़का ही बताया जाए।
ऐसे किया गया स्टिंग
दरअसल, हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग को यह जानकारी मिली कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के कस्बे रामपुर मनिहारान में गर्भ में पल रहे बच्चे की भ्रूण जांच की जा रही है। इस पर हरियाणा के पंचकूला जिले से डिप्टी सिविल सर्जन सरोज अग्रवाल एक गर्भवती महिला और अपनी टीम के साथ रामपुर मनिहारान पहुंची। यहां इन्होंने महिला को अलग छोड़ दिया। यह महिला एक लैब पर पहुंची, जहां उसने अनजान की तरह पूछा कि वह हरियाणा से आई है और गर्भ में पल रहे बच्चे की जांच कराना चाहती है। इस पर महिला को एक टेलीफोन नंबर दिया गया, जब महिला ने उस नंबर पर फोन किया तो कुछ ही देर में एक लड़का व दो महिलाएं पहुंचीं और उसको एक अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद जब महिला वापस लौटी तो उसने बताया कि किस तरह से उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का परीक्षण किया गया है और इसके बदले में हजारों रुपए वसूले गए। इसके बाद तहसीलदार और रामपुर मनिहारान पुलिस टीम के साथ सरोज शर्मा और उनकी टीम ने मकान में छापा मारकर इस खेल का भंडाफोड़ किया।
ये हैं आरोपी
इस दौरान पुलिस ने सुखविंदर पुत्र तेज सिंह निवासी सहारनपुर को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उन्होंने लैपटॉप में एक ऐप डाउनलोड किया हुआ है। एेप को चालू करते ही स्क्रीन पर अल्ट्रासाउंड करते समय जैसी स्क्रीन दिखने लगती है। पुलिस ने गैंग के एक और युवक को ननोता से गिरफ्तार किया, जिसने अपना नाम महक सिंह निवासी अनंत मऊ बताया है। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार लोगों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।