
Acharya Pramod Krishnam Death Threat Babbar Khalsa: श्री कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को अमेरिकी नंबर से धमकी भरा ऑडियो संदेश मिला है। धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को कुलबीर सिंह सिद्धू (कुलवीर सिंह सिद्धू) बताया है। आचार्य ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय और देशवासियों के साथ साझा किया है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि उन्हें अमेरिकी नंबर से रिकॉर्डेड ऑडियो संदेश मिला। इसमें व्यक्ति ने अपना नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताया और जालंधर घटना से जुड़े होने का दावा किया। आचार्य ने कहा, “मैंने कई बयान दिए हैं और खालिस्तान संबंधी गतिविधियों के खिलाफ कई ट्वीट किए हैं। कुछ दिन पहले भी इसी तरह के अंतरराष्ट्रीय कॉल आए थे, लेकिन मैंने जवाब नहीं दिया।”
आचार्य ने पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि कुलबीर सिंह सिद्धू आतंकी संगठन बब्बर खालसा का एक सरगना है। यह संगठन कई बम धमाकों और हत्याओं के लिए जिम्मेदार रहा है। आचार्य के अनुसार, यह संगठन देश के खिलाफ साजिश रचने का काम करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कल्कि धाम के खिलाफ ऐसी बातें अक्सर होती रहती हैं, लेकिन यह मामला आस्था, विश्वास और सनातन धर्म के इतिहास से जुड़ा होने के कारण बेहद गंभीर है।
धमकी के बावजूद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि वे अपना काम जारी रखेंगे। उनका पूरा जीवन कल्कि धाम के निर्माण और सनातन धर्म को समर्पित है। उन्होंने कहा, 'अगर मेरी हत्या हो जाती है तो मैं इसे बलिदान मानूंगा। अगर मैं शहीद हो जाता हूं तो श्री कल्कि धाम का निर्माण नहीं रुकेगा।' उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज को हिंदुओं का मुकुटमणि बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास के बाद कल्कि धाम का निर्माण चल रहा है। यहां गुरु गोबिंद सिंह जी की मूर्ति भी स्थापित की जाएगी, जैसे किसी देवता की प्रतिमा स्थापित की जाती है। आचार्य ने स्पष्ट किया कि वे पीछे नहीं हटेंगे।
आचार्य ने दोहराया कि कल्कि धाम में गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज, भगवान महावीर और भगवान बुद्ध को स्थान दिया जा रहा है। यह उनकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थक गतिविधियों के खिलाफ वे लगातार आवाज उठाते रहे हैं।
आचार्य ने पूरे मामले को पुलिस और गृह मंत्रालय के संज्ञान में लाते हुए देशवासियों से अपील की कि यह गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। कल्कि धाम का निर्माण रुकना नहीं चाहिए। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आचार्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत अपने धार्मिक कार्यों में लगे हुए हैं।