Father Son Murder UP: शामली में मेरठ हाईवे पर गन्ने के खेत में पिता-पुत्र के शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में पिकअप वाहन लूट के लिए अपहरण के बाद गला दबाकर हत्या का खुलासा हुआ है, जिसमें एक आरोपी गिरफ्तार और दो फरार हैं।
Meerut Highway Crime: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में करनाल-मेरठ हाईवे के पास उस वक्त सनसनी फैल गई जब गन्ने के खेत में पिता-पुत्र के शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान नरेश कुमार और उनके 19 वर्षीय पुत्र भीमसेन के रूप में हुई। दोनों के शव काबड़ौत पुल के पास खेत में पड़े मिले, जिससे पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बन गया।
पुलिस द्वारा कराए गए पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों की हत्या गला दबाकर की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से पहले उनके हाथ बांध दिए गए थे, जिससे साफ है कि आरोपियों ने पूरी योजना के तहत इस वारदात को अंजाम दिया।
बुधवार सुबह जैसे ही दोनों के शव संभल जिले के गांव भिरावटी के मजरा मलुवा पहुंचे, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। गांव में ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई है और माहौल बेहद गमगीन बना हुआ है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गुन्नौर क्षेत्र के सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला पिकअप वाहन लूटने की साजिश से जुड़ा हुआ है। आरोपियों ने पहले पिता-पुत्र का अपहरण किया और फिर वाहन लूटने के बाद उनकी हत्या कर दी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी निशानदेही पर शव बरामद किए गए। हालांकि उसके दो साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, 2 अप्रैल को नरेश कुमार अपने बेटे के साथ पिकअप वाहन लेकर भैंस बेचने के लिए अमावती गए थे। वहीं दो अज्ञात व्यक्तियों ने मेरठ से संभल तक लेबर ले जाने के बहाने वाहन बुक किया और सात हजार रुपये में सौदा तय किया।
पिता-पुत्र जब आरोपियों के साथ मेरठ के लिए निकले तो गढ़ टोल प्लाजा पार करने के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और संपर्क टूट गया। 4 अप्रैल को नरेश के भाई रामचरण ने धनारी थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की और बदायूं के दातागंज क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर शामली के जंगल से दोनों शव बरामद किए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पशु बाजारों में नए वाहनों को किराये पर लेने के बहाने लोगों को फंसाते थे और फिर वाहन लूट लेते थे। बहजोई क्षेत्र में भी इसी तरह की एक कोशिश की गई थी, जो असफल रही थी।
इस मामले में पुलिस की चार टीमें लगातार काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।