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संभल में होलिका दहन के दौरान सनसनी: ग्रामीण ने हाथ जोड़कर लगाई आग में छलांग, बचाने गया युवक भी झुलसा

Sambhal News: यूपी के संभल में होलिका दहन के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब सिंहपुर निवासी वीरपाल अचानक जलती हुई होलिका की आग में कूद गया।

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Mar 05, 2026
संभल में होलिका दहन के दौरान सनसनी | AI Generated Image

Man jumps in holika fire Sambhal: संभल जिले के जुनावई ब्लॉक क्षेत्र में होलिका दहन के दौरान एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को हैरानी और दहशत में डाल दिया। नदरोली गांव में होलिका दहन की परंपरागत रस्म के दौरान सिंहपुर गांव निवासी एक ग्रामीण अचानक जलती हुई होलिका की लपटों के बीच कूद गया।

इस अप्रत्याशित घटना को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत साहस दिखाते हुए उसे आग से बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गया और उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

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परिवार के साथ आया था होलिका दहन देखने

ग्रामीणों के अनुसार यह घटना बुधवार रात की है, जब नदरोली गांव में होलिका दहन के बाद लोग परंपरा के अनुसार आग की लपटों पर गन्ना और जौ की बालियां भून रहे थे। उसी समय सिंहपुर गांव निवासी वीरपाल अपने ससुर और साले के साथ होलिका दहन में शामिल होने के लिए वहां पहुंचे थे।

परिवार के लोग जौ भूनने में व्यस्त थे, जबकि वीरपाल कुछ दूरी पर खड़ा होकर पूरे दृश्य को देख रहा था। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल वह ऐसा कदम उठा लेगा, जिससे पूरा माहौल बदल जाएगा।

हाथ जोड़कर लगाई आग में छलांग

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक वीरपाल ने खड़े-खड़े हाथ जोड़ लिए और बिना किसी चेतावनी के जलती हुई होलिका की ओर बढ़ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वह सीधे होलिका की तेज लपटों के बीच चढ़कर खड़ा हो गया।

यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए और जोर-जोर से चिल्लाकर उसे बाहर आने के लिए कहने लगे। कुछ ग्रामीण तुरंत उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, क्योंकि आग की लपटें काफी तेज थीं और कुछ ही पल में बड़ा हादसा हो सकता था।

ग्रामीण ने दिखाई बहादुरी, खींचकर बाहर निकाला

गांव के निवासी नीरेश कुमार ने इस मौके पर साहस का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना आग की लपटों के बीच पहुंचकर वीरपाल को पकड़ लिया। उन्होंने बड़ी मुश्किल से उसे खींचकर बाहर निकाला। आग से बाहर निकलते ही वीरपाल घबराकर जंगल की ओर भागने लगा। यह देखकर ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर जाकर उसे पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसके जले हुए कपड़े हटाए और उसे वापस गांव लेकर आए।

तुरंत हॉस्पिटल में कराया भर्ती

घटना के बाद ग्रामीणों ने समय गंवाए बिना वीरपाल को इलाज के लिए गुन्नौर के एक निजी चिकित्सक के पास पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया और उसके शरीर के झुलसे हिस्सों का इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते उसे आग से बाहर निकाल लिया गया, वरना हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

घटना के पीछे का कारण अब भी रहस्य

वीरपाल ने आखिर अचानक ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ग्रामीणों और उसके परिजनों ने भी इस बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी है। कुछ लोग इसे मानसिक तनाव से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई ग्रामीण इसे अचानक हुई भावनात्मक प्रतिक्रिया बता रहे हैं।

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