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Sambhal: गोली लगने के बावजूद शहीद सिपाहियों ने पकड़ लिया था बंदियों को, बहादुरी की कहानी सुनकर गर्व करेंगे आप- देखें वीडियो

Sambhal में तीन बंदियों के हमले में शहीद हुए थे दो सिपाही पुलिस लाइन बहजोई में शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि परिवार को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान हुआ

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Jul 18, 2019
Sambhal: गोली लगने के बावजूद शहीद सिपाहियों ने पकड़ लिया था बंदियों को, बहादुरी सुनकर गर्व करेंगे आप

मुरादाबाद। संभल में तीन बंदियों के हमले में शहीद हुए दोनों सिपाहियों काे गुरुवार को पूरे सम्‍मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 18 जुलाई 2019 (गुरुवार) सुबह मुरादाबाद की पुलिस लाइन बहजोई में शहीद हुए पुलिसकर्मियों हरेंद्र और ब्रजपाल को सलामी के बाद भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दोनों शहीद सिपाहियों के लिए बड़ा ऐलान किया है।

यह है घटना

बुधवार शाम को चंदौसी कोर्ट से लौटते समय तीन बंदियों शकील, कमल और धर्मपाल ने कैदी वैन में सिपाहियों पर हमला बोल दिया था। पहले उन्‍होंने सिपाहियों की आंख में मिर्ची पाउडर डाला और उसके बाद तमंचे से फायरिंग कर दी थी। इसमें सिपाही ब्रजपाल और हरेंद्र शहीद हो गए थे। वैन में मौजूद अन्‍य बंदियों ने पुलिस को बताया था कि दोनों ने अंतिम सांस तक बंदियों का मुकाबला किया था। गोली लगने के बाद भी ब्रजपाल ने एक बंदी का पैर पकड़ लिया था। जब तक उनकी सांस चलती रही, उन्‍होंने पैर नहीं छोड़ा था। हरेंद्र ने भी डटकर बदमाशों का सामना किया था। आंखों में मिर्च पाउडर झोंकने के बाद बदमाशों ने सिपाहियों पर फायरिंग कर दी थी। आंखों में मिर्च पाउडर पड़ने और सीने में गोलियां लगने के बावजूद सिपाहियों ने बंदियों को ललकारा था। उन्‍होंने अपनी बंदूकें भी लोड कर ली थीं। ब्रजपाल और हरेंद्र ने बंदियों को पकड़ा भी लेकिन उनकी सांसें थमती चली गईं।

मां व बहन के साथ रहते थे ब्रजपाल

सिपाही ब्रजपाल नया गांव नवीन नगर में मां, भांजियों व बहन के साथ रहते थे। वहीं, शहीद हरेंद्र आशियाना कॉलोनी में आरआरके इंटर कॉलेज के पीछे रहते थे। गुरुवार सुबह दोनों शहीदों को बहजोई पुलिस लाइन में अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान एडीजी जोन बरेली अविनाश चन्द्र, मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक, संभल के एसपी यमुना प्रसाद, डीएम राकेश कुमार सिंह, एसपी सिटी अंकित मित्तल वहां मौजूद रहे।

परिवार के सदस्‍य को दी जाएगी सरकारी नौकरी

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने दोनों शहीदों की मौत पर शोक जताया है। उन्‍होंने सिपाहियों के परिवार को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही उनके परिवार के एक-एक सदस्‍य को सरकारी नौकरी (Sarkari Naukari) और शहीदों की पत्नियों को असाधारण पेंशन देने की घोषणा की।

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Updated on:
18 Jul 2019 01:25 pm
Published on:
18 Jul 2019 01:23 pm
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