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मस्जिद पर बुलडोजर चलने के बाद सपा सांसद बर्क बोले- गांव में मातम का माहौल, सहमे हुए हैं बच्चे

Sambhal Mosque News: संभल में मस्जिद पर बुलडोजर चलने के बाद सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क क्यों भड़क गए? जानिए उन्होंने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए और अब आगे क्या होने वाला है।
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सम्भल

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Pratiksha Gupta

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Updated: 7 Jun 2026, 3:19 PM IST

Sambhal Mosque Demolition, Ziaur Rahman Bark

सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भड़के बुलडोजर एक्शन पर | फोटो सोर्स- IANS

Sambhal Mosque News: संभल के कसेरवा गांव में मुस्तफा कादरी मस्जिद पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद सियासत गरमा गई है। मस्जिद ध्वस्त होने के बाद समाजवादी पार्टी के संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद को बचाने के लिए कानूनी स्तर पर प्रयास किए गए थे, लेकिन अधिकारियों ने किसी भी गुहार पर ध्यान नहीं दिया।

'आंखों पर पट्टी बांधकर हुई कार्रवाई', सांसद बर्क का फूटा गुस्सा

मस्जिद गिराए जाने के बाद सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लाख कोशिशों, गुजारिशों और कानूनी दलीलों के बावजूद संभल प्रशासन ने कसेरवा गांव में मस्जिद को शहीद कर दिया। ऐसा लगता है जैसे अधिकारियों ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है और वे एक तय निशाने के तहत काम कर रहे हैं। सांसद ने आगे कहा कि जब देश में जनता की फरियाद और कानूनी दलीलें ही नहीं सुनी जाएंगी तो न्याय व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा उठने लगेगा। उन्होंने याद दिलाया कि भारत का संविधान सर्वोपरि है और यह देश किसी एक व्यक्ति, दल या सत्ता की जागीर नहीं है।

गांव के हालात, मां-बहनों के आंसू न थमे, बच्चे डरे

सांसद बर्क ने गांव के मौजूदा हालात के बारे में बताते हुए कहा कि इस घटना के बाद से पूरे कसेरुआ गांव में गम और मातम का माहौल है। उन्होंने कहा कि मस्जिद टूटने के बाद हर दिल रो रहा है। गांव की मां-बहनों की आंखें अश्कबार (नम) हैं और छोटे-छोटे बच्चे इस मंजर को देखकर सहमे हुए हैं। बर्क ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि अगर किसी को लगता है कि ताकत के दम पर लोगों की आवाज को दबा दिया जाएगा तो यह उनकी बड़ी भूल है। नाइंसाफी के खिलाफ आवाज हमेशा बुलंद होती रहेगी।

प्रशासन का दावा, 'कब्रिस्तान की जमीन पर था अवैध कब्जा'

दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद पर जिला प्रशासन का अपना पक्ष है। अधिकारियों का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी है। राजस्व रिकॉर्ड (सरकारी कागजात) के मुताबिक, जिस जमीन पर मुस्तफा कादरी मस्जिद बनी थी, वह असल में कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित रखी गई सरकारी जमीन थी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कोर्ट के आदेश के बाद ही उठाया गया है और इसमें किसी तरह की जल्दबाजी या मनमानी नहीं की गई है।

सांसद करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

इस बुलडोजर एक्शन के बाद संभल का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एलान किया है कि वे इस पूरे मामले पर अपनी बात मजबूती से रखने और प्रशासन की मनमानी को उजागर करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।


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