
संभल जिला प्रशासन ने अवैध मस्जिद गिराई (फोटो- पत्रिका)
Bulldozer Action Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। नखासा क्षेत्र के कसेरुआ गांव में स्थित इस दो मंजिला मस्जिद को तहसीलदार कोर्ट के आदेश के बाद गिराया गया। कार्रवाई के दौरान सबसे पहले मस्जिद के सामने वाले हिस्से और पिलरों को तोड़ा गया, जिसके बाद करीब 55 फीट ऊंची मीनार को हाइड्रा मशीन और क्रेन की सहायता से नीचे गिरा दिया गया।
प्रशासन के अनुसार मस्जिद लगभग 120 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर बनी हुई थी। राजस्व विभाग की रिपोर्ट और न्यायालय के आदेश के आधार पर इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। मस्जिद के ग्राउंड फ्लोर के अलावा पहली और दूसरी मंजिल पर भी बड़े हॉल बने हुए थे, जहां स्थानीय लोग नमाज अदा करते थे। कार्रवाई के लिए नगर पंचायत सिरसी और अन्य विभागों से भारी मशीनरी मंगाई गई।
मस्जिद को हटाने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रशासन ने चार बुलडोजर, कई डंपर और ट्रैक्टर लगाए हैं। इसके अलावा मलबा हटाने के लिए लगभग 20 सफाईकर्मियों की टीम भी मौके पर तैनात की गई। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरे अभियान को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई शुरू होने से पहले स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वहां अंतिम बार नमाज अदा की। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने मस्जिद के गेट, खिड़कियों और शीशों को हटाने का कार्य शुरू किया। आसपास के मकानों को भी एहतियातन खाली कराया गया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया है। विभिन्न थानों की पुलिस टीमों के अलावा पीएसी के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने पूरे मामले की निगरानी के लिए विशेष टीम का गठन किया था। नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल को अभियान का प्रभारी बनाया गया। राजस्व विभाग, नगर पालिका संभल और नगर पंचायत सिरसी के कर्मचारियों को संयुक्त रूप से अभियान में लगाया गया ताकि कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
प्रशासन का दावा है कि गाटा संख्या 409 राजस्व रिकॉर्ड में कब्रिस्तान की भूमि के रूप में दर्ज है। जांच के दौरान पाया गया कि इसी भूमि के लगभग 120 वर्गमीटर हिस्से पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इसी क्षेत्र में तीन अन्य मकान भी बने हुए हैं, जिनकी भी जांच की जा रही है।
मस्जिद के मुतवल्ली जाकिर हुसैन का कहना है कि यह मस्जिद सैकड़ों वर्षों पुरानी है और चौधरी काल से यहां मौजूद है। उनके अनुसार करीब 20 से 25 वर्ष पहले मस्जिद का पुनर्निर्माण कराया गया था, जिस पर लगभग 50 लाख रुपये से अधिक खर्च हुए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी बात को अदालत में पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित कराने के लिए शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान मस्जिद कमेटी को कई बार अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन ऐसा कोई प्रमाण नहीं दिया जा सका जिससे यह साबित हो सके कि मस्जिद निजी भूमि पर बनी हुई है। इसी आधार पर न्यायालय ने बेदखली का आदेश जारी किया।
संभल प्रशासन का कहना है कि जिले में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इससे पहले भी कई स्थानों पर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। हाल ही में गुन्नौर क्षेत्र के बाघऊ गांव में भी सरकारी भूमि पर बने एक अवैध धार्मिक ढांचे को हटाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी राजस्व अभिलेखों के आधार पर ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी और सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Published on:
06 Jun 2026 08:34 pm
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