Sambhal News: संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंदिर-मस्जिद संबंधी बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे बिना सबूत का दावा बताया।
Sambhal MP Barq Statement: संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने मथुरा के एक कार्यक्रम में संभल के श्रीहरिहर मंदिर को 500 साल पहले बाबर के वंशजों द्वारा तोड़े जाने का दावा किया था। बर्क ने इस बयान को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वह इससे बिल्कुल सहमत नहीं हैं और ऐसे दावों का कोई प्रमाण सार्वजनिक रूप से मौजूद नहीं है।
सांसद बर्क ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन सी सरकारी रिपोर्ट, सर्वे या दस्तावेज है जो यह साबित करता हो कि किसी मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस सबूत के इस तरह के आरोप लगाना न केवल गलत है बल्कि समाज में भ्रम फैलाने जैसा भी है।
बर्क ने मुख्यमंत्री के बयान को आगामी चुनावों से जोड़ते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही इस तरह के मुद्दों को उछाला जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस तरह के और भी बयान सामने आ सकते हैं, जिससे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
संभल के थाना नखासा क्षेत्र स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में बर्क ने कहा कि उनका मजहब किसी दूसरे धर्मस्थल को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसके घर पर मस्जिद तक नहीं बनाई जा सकती, तो मंदिर तोड़ने जैसी बात पूरी तरह निराधार है।
सांसद ने कहा कि आज के समय में कुछ महीनों या दिनों पुरानी मस्जिदों को लेकर विवाद खड़े किए जा रहे हैं, ऐसे में 500 साल पुराने मामलों को उठाना किस हद तक उचित है। उन्होंने दोहराया कि उनके अनुसार इतिहास में कहीं भी ऐसा प्रमाण नहीं है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई हो।
बर्क ने यह भी कहा कि जब मामला अदालत में विचाराधीन है, तब इस तरह के सार्वजनिक बयान देना न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसा है। उन्होंने कहा कि मस्जिद अपनी जगह पर सदियों से मौजूद है और इसके खिलाफ किसी भी तरह की प्रमाणिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
सांसद ने संविधान के अनुच्छेद 25 से 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना न संविधान अनुमति देता है और न ही उनका मजहब। उन्होंने “प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट” का हवाला देते हुए कहा कि 1947 से पहले के सभी धार्मिक स्थल अपनी स्थिति में बने रहेंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
बर्क ने अंत में कहा कि देश और प्रदेश की जनता को असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, बढ़ते अपराध, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि सरकार और नेताओं को इन पर काम करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि यह सिर्फ किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि पूरे देश की 140 करोड़ जनता की चिंता है।