
Santkabir Nagar News: संतकबीर नगर जिले में लापरवाह पुलिसकर्मियों पर एक बार फिर चाबुक चला है। बता दे कि मंगलवार को एसपी संदीप कुमार मीणा ने 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। कार्रवाई में थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक उमाशंकर तिवारी, उपनिरीक्षक सुरेश यादव और मुख्य आरक्षी कोमल प्रसाद शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों पर अलग-अलग स्तर पर लापरवाही बरतने के आरोप हैं।
एसपी कार्यालय की जानकारी के मुताबिक थानाध्यक्ष उमाशंकर तिवारी पर महिला संबंधी अपराधों में तेजी से और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों और अभियानों का भी अपेक्षित तरीके से पालन नहीं किया। उन पर लंबित जांचों का समय से निस्तारण नहीं करने, अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी कार्रवाई नहीं करने और गुमशुदा लोगों की तलाश में रुचि नहीं लेने के भी आरोप हैं। थानाध्यक्ष पर साइबर अपराध की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रियता नहीं दिखाने का भी आरोप है। इसके अलावा महिला अपराधों की रोकथाम से जुड़े मिशन शक्ति के कार्यक्रमों में भी अपेक्षित रुचि नहीं लेने की बात सामने आई है।
दरोगा सुरेश यादव और मुख्य आरक्षी कोमल प्रसाद पर जनसुनवाई, महिला अपराधों और अपराध रोकने की कार्रवाई में लापरवाही के आरोप हैं। दोनों पर बीट प्रणाली में भी अपेक्षित तरीके से काम नहीं करने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, सुरेश यादव और कोमल प्रसाद पर वरिष्ठ अधिकारियों के अभियानों में रुचि नहीं लेने के साथ ही जनता से गलत व्यवहार करने के आरोप भी हैं। इन शिकायतों और कार्यप्रणाली की समीक्षा के बाद एसपी ने तीनों को निलंबित किया है।
संतकबीरनगर में सात दिवसीय CCTNS प्रशिक्षण कार्यक्रम के को पूरा करने वाले आरक्षियों को SP संदीप कुमार मीना प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह प्रशिक्षण CCTNS सन योजना को ठीक से लागू करने, जांचों को जल्दी और अच्छी तरह निपटाने और पुलिस के काम को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने के लिए आयोजित किया गया था।
SP ने कहा कि CCTNS का सही इस्तेमाल करने से जांचों के निपटारे में तेजी आएगी। साथ ही पुलिस रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और काम में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि वे CCTNS के अलग-अलग मॉड्यूल का बेहतर उपयोग करें। रिकॉर्ड और जांच से जुड़ी जानकारी को समय पर और सही तरीके से दर्ज करना सुनिश्चित करें। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह प्रशिक्षण 8 से 14 सितंबर तक चला। इसमें जिले के सभी थानों से दो-दो आरक्षी शामिल हुए।