थरपहाड़ से अपहरण का मामला: सात स्पेशल टीम के साथ जंगल में उतारे 80 जवान, शिक्षकों को अगवा कर मांगी 10 लाख की फिरौती
सतना। दस्यु प्रभावित नयागांव थाना क्षेत्र के थरपहाड़ में पढ़ाने वाले दो शिक्षक शुक्रवार की दोपहर अगवा कर लिए गए। शनिवार की सुबह जब एक शिक्षक के घर 10 लाख की फिरौती की मांग पहुंची तो सनसनी फैल गई। लापता शिक्षकों की खबर मिलने के बाद से ही मामले को हल्के में ले रही पुलिस को जब फिरौती के बारे में खबर लगी तो पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने दस्यु उन्मूलन अभियान में जुटी टीमों को सक्रिय करते हुए शिक्षकों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि घटना के ३६ घंटे बाद भी पुलिस शिक्षकों का सुराग नहीं लगा सकी।
रास्ते से किया अगवा
थरपहाड़ स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक फूल सिंह की मूल पदस्थापना कामतन संकुल के झीर विद्यालय में थी। सहूलियत को ध्यान में रखकर फूल सिंह को थरपहाड़ अटैच किया गया था। फूल सिंह अपने साथी अतिथि शिक्षक पप्पू उर्फ पुष्पेन्द्र पटेल के साथ शाम चार बजे स्कूल बंद कर घर लौट रहा था तभी थरपहाड़ की एक खोह में छिपे बदमाशों ने दोनों को अगवा कर लिया। रात करीब 9 बजे पुलिस के पास शिक्षकों के लापता होने की सूचना पहुंच गई थी। लेकिन तब पुलिस ने ज्यादा सक्रियता नहीं दिखाई।
पत्नी के पास आया फोन
सूत्रों के अनुसार, शनिवार को फूल सिंह की पत्नी के पास अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर पहले 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी। इसके बाद फोन करने वाला 10 लाख रुपए बतौर फिरौती की बात करने लगा। दूसरी ओर पप्पू के परिजनों को रुपए की व्यवस्था रखने की खबर बदमाशों ने भेजी है। उसके परिवार को यह नहीं कहा गया कि कितनी रकम कब और कैसे चाहिए? बदमाशों ने दोनों परिवारों को पुलिस से दूरी बनाकर रखने की चेतावनी भी दी है।
डकैतों ने ग्रामीणों को बेदम पीटा
इधर, चित्रकूट के पाठा में फिर डकैतों ने आतंक कायम करने की नीयत से आधा दर्जन ग्रामीणों को पीट पीटकर अधमरा कर दिया। दस्यु प्रभावित क्षेत्र मानिकपुर से 20 किमी. दूर थाना मारकुंडी थाना अंतर्गत ग्राम डोडामाफी में डकैतों ने अचानक आधी रात को कहर बरपाते हुए आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। सभी घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मानिकपुर में कराया जा रहा है। घायलों के परिजनों ने बताया कि गुरुवार की रात लगभग साढ़े 12 बजे दस्यु गैंग के आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने डोडामाफी गांव के बाहर बने मंदिर के पास अचानक हमला बोलकर पुजारी संता पुत्र बैला (55), शिवनाथ पुत्र कुंज बिहारी (60), शिवप्रसाद पुत्र कुंजबिहारी (60), राजेश्वर पुत्र बच्चीलाल (23), कुक्की पत्नी बच्चीलाल (63) को लाठी, डंडों व बंदूक की बटों से पीटा। घटना को अंजाम देने के बाद दस्यु दल हवाई फायर करता हुआ बीहड़ की ओर भाग निकला।
सात टीमें एसपी ने बनाईं
दो शिक्षकों का एक साथ अपहरण हो जाने से पुलिस के माथे पर चिंता की लकीर आ गई है। अपहरण की खबर के पहले तक दस्यु प्रभावित इलाकों में काम कर रही पुलिस का दावा था कि अपना इलाका महफूज है। चिह्नित और नामजद सभी गिरोह मप्र की सीमा से बाहर हैं। लेकिन अपहरण की सूचना के बाद अब कहा जा रहा है कि किसी नवागत गिरोह ने अपहरण की घटना को अंजाम दिया है और गिरोह में शामिल लोग बेहद शातिर हैं। एसपी ने शिक्षकों की तलाश के लिए नौ उप निरीक्षकों को तराई में तलब किया है। इनकी सात अलग अलग टीमें बनाकर रवाना की गई हैं। इसके अलावा पुलिस लाइन से 80 जवान सर्चिंग के लिए बुलाए गए हैं। एसपी, एसडीओपी आलोक शर्मा, निरीक्षक अनिमेष और थाना प्रभारी नयागांव तीन टीमों में बंटकर शिक्षकों का सुराग लगाने में जुटे हैं।
फिरौती देकर छूटा था यशोदा
इस वारदात के पहले मुडि़या देव में पढ़ाने वाले शिक्षक यशोदा कोल का अपहरण इसी साल जुलाई माह में हुआ था। पकड़ छूटने के बाद यह बात सामने आई थी कि चार लाख रुपए बतौर फिरौती देने के बाद शिक्षक मुक्त हुआ है। इस घटना के बाद पुलिस ने डकैत ललित पटल गिरोह का खात्मा किया और फिर तराई में पहरा बढ़ा दिया था।
पुलिस का सूचना तंत्र कमजोर
थरपहाड़ा से शिक्षकों का अपहरण होने के बाद एक बार फिर यह बात साबित हो गई कि पुलिस का सूचना तंत्र बेहद कमजोर है। जानकार बताते हैं कि इस तरह की घटना करने वाले बदमाश कई दिनों से सक्रिय रहकर योजना बना रहे होंगे। नयागांव थाना पुलिस का स्थानीय नेटवर्क कमजोर रहा। अनुविभागीय स्तर पर भी अधिकारी पुष्ट सूचनाओं से पीछे हैं।
यादव गिरोह पर शक की सुई
तराई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि गोप्पा गिरोह से जुड़े रहे रजउआ और महेन्द्र पासी उप्र के एक अपराध में लिप्त हैं। एेसे में यह गैंग मप्र की सीमा में हरकत नहीं कर सकता। बबुली की बात आई तो उसे दो दिन पहले ही मप्र पुलिस ने उप्र के मानिकपुर की ओर खदेड़ कर पुष्टि कर ली थी। आशंका जताई जा रही है कि यादव जाति के एक व्यक्ति के साथ इलाके के कुछ युवकों ने नया गिरोह बनाया है। जो हाल के ही कुछ बदमाशों की राह पर चलते हुए दस्यु दल बनाने के लिए अपहरण किए हैं। तकनीकी तौर पर भी गिरोह के सदस्य शातिर बताए जा रहे हैं।