सतना

हिचकोले खाते हाइवे पर गुंडों के दम पर फिर टोल वसूली शुरू, इन 2 टोल नाकों में बनी विवाद की स्थिति

इचौल, सोनवारी और बरही में टोल नाके शुरू, पहुंची पुलिस, कई संगठनों ने खोला मोर्चा, कहा-पहले सड़क बनाए फिर लगाएं टोल

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Sep 22, 2017
2 toll checkpoints Dispute situation in satna madhya pradesh
2 toll checkpoints Dispute situation in satna madhya pradesh

सतना। सतना-मैहर-उमरिया स्टेट हाइवे पर डेढ़ साल पहले बंद किए गए टोल नाके एक बार फिर हाइवे मेंटीनेंस के नाम पर शुरू कर दिए गए हैं। एमपीआरडीसी के अधीन इस हाइवे पर बीटी रिन्युवल का ठेका तिरुपति बिल्डकॉन को दिया गया है। कंपनी ने अभी सड़क का सुधार तो कराया नहीं लेकिन हिचकोले खाती इस सड़क पर इचौल, सोनवारी और बरही में अपने गुंडों के दम पर टोल नाकों से वसूली शुरू कर दी है।

मनमानी टोल वसूली की सार्वजनिक सूचना का प्रकाशन तक नहीं कराया गया। हद तो यह हो गई कि नवरात्र पर्व के मद्देनजर कलेक्टर ने टोल वसूली बंद रखने के निर्देश दिए थे, उसकी भी अनदेखी कर दी गई। उधर इस वसूली का व्यापक विरोध शुरू हो गया है। स्थिति यह रही दो दो टोल नाकों में पुलिस को पहुंच कर व्यवस्था संभालनी पड़ी। यहां स्थिति को देखते हुए टोल वसूली बंद करा दी गई है।

ठेका तिरुपति बिल्डकॉन को दे दिया

सतना-मैहर-उमरिया स्टेट हाइवे का निर्माण मलेशिया कंपनी ने बीओटी से किया था। डेढ़ साल पहले इसके द्वारा टोल बैरियर बंद किए गए थे। मेंटीनेंस की अनदेखी के चलते हाइवे की हालत लगातार खराब होती चली गई। एमपीआरडीसी ने इस हाइवे के बीटी रिन्यूवल का ठेका तिरुपति बिल्डकॉन को दे दिया।

मेंटीनेंस का ठेका दिया

सूत्रों के अनुसार ८ करोड़ सालाना के आधार पर ५ साल के लिए इस कंपनी को मेंटीनेंस का ठेका दिया गया है। इसकी शर्तों के अनुसार पहले ठेका कंपनी इस हाइवे का सरफेस और शोल्डर का सुधार कार्य करेगी, उसके बाद टोल बैरियर के माध्यम से राशि वसूली करेगी। लेकिन ठेका कंपनी ने नियमों को ताक पर रखते हुए २१ सितंबर की रात १२ बजे से टोल बैरियर में वसूली शुरू कर दी।

पहले सोनवारी में विवाद
ठेका कंपनी ने इस हाइवे पर इचौल, सोनवारी और बरही में अपने टोल लगाकर वसूली शुरू कराई। लेकिन शुक्रवार की सुबह से ही सोनवारी बैरियर में टोल के खिलाफ माहौल बनने लगा। स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो टोल में तैनात ठेका कंपनी के कर्मचारी गुंडागर्दी पर उतारू हो गए। नतीजा यह हुआ कि यहां कुछ ही देर में स्थानीय लोगों के समर्थन में काफी संख्या में आस पास से भी लोग पहुंच गये। मारपीट की भी स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए मैहर से पुलिस बल भी यहां पहुंच गया और किसी तरह से मामला शांत करा यहां टोल वसूली बंद कराई गई।

कुछ देर बाद इचौल बैरियर में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
इधर दोपहर बाद इचौल बैरियर में भी स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया। यहां तैनात कंपनी के कर्मचारियों से हाथापाई तक की स्थिति बन गई। हालात की नजाकत को देखते हुए कंपनी के कर्मचारी भाग खड़े हुए। तब तक उचेहरा थाना का पुलिस बल भी पहुंच गया। यहां भी टोल वसूली बंद करा दी गई है और तनाव की स्थिति को देखते हुए यहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बताया गया है कि बरही टोल में भी स्थानीय लोगों द्वारा विरोध की शुरुआत कर दी गई है।

कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी
टोल की शुरुआत की खबर पर कई संगठनों ने नवरात्रि पर्व पर मैहर मेले के म²ेनजर टोल वसूली बंद रखने की मांग की थी। इधर कलेक्टर को भी टोल की कोई जानकारी नहीं थी। इस पर भी स्थिति को देखते हुए टोल प्रारंभ नहीं करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिये गये थे। लेकिन ठेका कंपनी ने इन निर्देशों को भी ताक पर रख दिया। उल्लेखनीय है कि मैहर मेले में प्रति दिन लाखों श्रद्धालुओं का कई प्रांतों से आना होता है।

पहले करो मेन्टीनेंस
मध्य भारत मोर्चा ने जिलाध्यक्ष बब्बल भाठिया के नेतृत्व में टोल बैरियर के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि पहले ठेका कंपनी हाइवे की हालत सुधारे और टोल बैरियर की शर्ते और टैक्स की रेट सूची का सार्वजनिक प्रकाशन करे। उसके बाद वसूली शुरू करे। यह भी कहा कि रिन्यूवल ठेके में कहा जा रहा है कि सिर्फ भार वाहनों पर टैक्स लगना है लेकिन ठेका कंपनी निजी वाहनों से भी वसूली कर रही है। इसे बंद कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है ऐसा नहीं हुआ तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा।

स्थानीय लोगों ने की रोजगार की मांग
उधर दूसरी ओर टोल नाकों से लगे गांवों के लोगों ने पूर्व की भांति टोल बैरियर में स्थानीय लोगों को रोजगार दिये जाने की भी मांग शुरू कर दी है। इनका कहना है कि इससे स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। लेकिन ठेका कंपनी बाहरी लोगों और लठैतों को रख कर कानून व्यवस्था की स्थिति बना रही है। इनके द्वारा रोजगार की मांग पर भी मोर्चा खोल दिया गया है।

नवरात्रि पर्व तक टोल बैरियर बंद करने को कहा गया है। साथ ही एमपीआरडीसी से नियम शर्तें तलब की गई है। इसके अध्ययन के बाद भी आगे की कार्यवाही की जाएगी। तब तक टोल बंद रहेगा।
नरेश पाल, कलेक्टर

Published on:
22 Sept 2017 07:07 pm