सूने घर के दरवाजे तोड़कर लाखों के जेवरात सहित नकदी पार, कोलगवां थाना क्षेत्र के डेलौरा पटेल कॉलोनी की वारदात
सतना। पुलिस के सुस्त रवैए के चलते शहर में चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। कोलगवां थाना क्षेत्र के टिकुरिया टोला पटेल कॉलोनी में चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। यहां रहने वाले धीरेंद्र कुमार तिवारी के सूने घर में गेट व दरवाजे काटकर घुसे चोरों ने लाखों की कीमत के सोने-चांदी के गहने व कैश पार कर दिए। जिस समय चोरी की वारदात हुई, घर में कोई नहीं था।
पीडि़त परिवार सहित रीवा स्थित अपने जीजा की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था। मौका पाकर चोर लाखों का माल पार कर आराम से भाग खड़े हुए। थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार चोरी रविवार की रात 7 से 11 बजे के बीच हुई। फरियादी ने पुलिस को चोरी गए गहने-जेवर की लिस्ट सौंपी है, लेकिन उनकी कीमत व नकदी की जानकारी बाद में देने की बात कही।
20 लाख से ऊपर का माल पार
बताया गया कि चोरों ने सोने के मंगलसूत्र, कंगन, टाप्स, लाकेट, पैंडेल सेट, अंगूठी आदि जेवर व नकदी समेत 20 लाख से ऊपर का माल पार किया है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही खुलासे का दावा किया जा रहा है।
बेटी की शादी के लिए रखे थे गहने
पीडि़त धीरेंद्र तिवारी ने बताया, घर में घुसे चारों ने सिर्फ सोने-चांदी के गहने व नकदी समेटी और बाकी सामान पर हाथ तक नहीं लगाया। अलमारी व लॉकर में रखे सोने-चांदी के गहने फरयादी की बेटी व पत्नी के थे। बताया गया कि बेटी की शादी के लिए पहले से ही लाखों के गहने खरीद लिए थे। थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक सोने के पांच जोड़ी कंगन, तीन मंगलसूत्र, 3 जोड़ी झुमके, 5 अंगूठी, 2 लॉकेट, 2 जोड़ी टॉप्स, पेंडल सेट व चांदी की 9 जोड़ी पायल, 10 जोड़ी बिछिया सहित व्यापारियों को देने के लिए घर में रखी हुई नकदी चोरी हुई है।
घर लौटे तो अंदर से बंद मिला गेट
पीडि़त धीरेंद्र तिवारी ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते हैं। रामपुर बाघेलान की एक गैस एजेंसी में मैनेजर हैं। घर में वे अपनी पत्नी अनीता तिवारी के साथ रहते हैं। इनका पुत्र हिमांशु भोपाल और पुत्री वैशाली बेंगलुरु में रहती है। रविवार को धीरेंद्र अपनी पत्नी के साथ बहन की सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने सुबह 9 बजे घर से रीवा के लिए निकले थे। रात में जब 11 बजे वापस लौटे तो देखा कि बाहर का बाउंड्री वाला गेट अंदर से बंद है लेकिन लॉक टूटा पड़ा है। जब अंदर जाकर देखा तो तीन कमरे के दरवाजे चौखट से टूटे थे व बेडरूम में पूरा सामान फैला हुआ था। घर व कमरों की हालत देखकर समझ गए कि चोरी हुई है। इसके बाद तीन अलमारियां व लॉकर खंगाला तो पूरे जेवर व कैश गायब मिला।
करीबी के शामिल होने की आशंका
ट्रांसपोर्टर धीरेंद्र तिवारी के घर में हुई चोरी के पीछे किसी जान-पहचान या करीबी व्यक्ति के शामिल होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा। बताया गया कि आसपास घनी बस्ती न होने व चोरों के आतंक के चलते रात के वक्त घर को कभी सूना नहीं छोड़ा जाता था। यह पहला मौका था जब घर में बाहर से ताला पड़ा और सूना छोड़ा गया। रविवार की रात जिस दिन चोरी हुई धीरेंद्र का परिवार 11 बजे घर लौट आया था। आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात चोरों को यह पता था कि धीरेंद्र का परिवार किसी भी वक्त घर लौट सकता है। जिस तरह दरवाजे तोड़े गए उससे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने में शातिर चोरों का हाथ है।
पहले भी हो चुकी चोरियां
डिलौरा पटेल कालोनी में पहले भी चोरी की वारदातें हो चुकी हैं। इस मोहल्ले में ज्यादातर घर दूर-दूर बने हुए हैं। फरियादी ने बताया कि उनके घर के पीछे मकान में काम चल रहा था, उसके बाद ही चोरी हुई होगी। गौरतलब है कि शहर में इन दिनों रोजाना चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में राजेंद्रनगर गली नं. 9 में एक मकान में चोरी में नाकाम रहने पर बदमाशों ने तीन बाइकें फूंक दी थीं।