
मैहर। समय सीमा बैठक में कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने एसडीएम की कार्यशैली पर काफी नाराजगी जताई। कहा, आप लोग किस बात के एसडीएम हैं, जब पटवारियों से काम नहीं ले पा रहे हैं। सीमांकन के सैकड़ों मामले लंबित हैं लेकिन निराकरण नहीं हो पा रहा है। जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों में 50 फीसदी से ज्यादा सीमांकन की ही शिकायतें रहती है। इससे साबित हो रहा है कि एसडीएम अपना काम गंभीरता से नहीं कर रहे हैं। अगर ये काम कर रहे होते तो हमारे पास लोग आते ही नहीं। बैठक में अपर कलेक्टर संजना जैन, जिपं सीईओ शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सीएमएचओ पर भी नाराजगी
सीएमएचओ से कहा कि आपको शिशु मृत्यु वाली एक जांच दी थी, लेकिन अभी तक जांच प्रतिवेदन नही दे सके। झिन्ना के एक मामले में ताला के चिकित्सक ने एमएलसी करने से मना कर दिया। ये सब नहीं चलेगा, अगर ड्यूटी नहीं करेंगे तो कोई नहीं बचेंगे। अपने अमले को सुधारिए और जो जांचें दी जाती हैं उनका प्रतिवेदन समय सीमा में भेजें। फंड आने के बाद भी सीएचओ को वेतन नहीं देने पर नाराजगी जताई।
आरआई को नोटिस, नायब को सर्किल से हटाया
कलेक्टर ने कहा कि मैदानी राजस्व अमला कभी मामला विवादित बता कर सीमांकन नहीं करेगा कभी बिना सीमांकन के ही सीमांकन होना दिखा देगा। ऐसा ही मामला झिन्ना आरआई निर्भय सिंह का सामने आने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी मामले में नायब तहसीलदार की भूमिका पर भी नाराजगी जाहिर की। कहा बिना सीमांकन के अगर सीमांकन बताया गया तो संबंधित की नौकरी ले लूंगी। बैठक के बाद कलेक्टर ने झिन्ना के नायब तहसीलदार रोशनलाल रावत को हटाते हुए बड़वार बेज दिया। वहीं बड़वार से ललित कुमार धर्वे को झिन्ना वृत्त में पदस्थ करने के आदेश जारी कर दिया।
सहायक प्रबंधक ई-गवर्नेंस को फटकार
सहायक प्रबंधक ई-गवर्नेंस राखी अग्रवाल को भी कलेक्टर ने फटकार लगाई। कहा, जो भी लिखा करो एक बार पढ़ा करो। वर्तनी में त्रुटि, वाक्यों में अशुध्दियां तो होती ही हैं क्या लिख रही हो पता ही नहीं चलता। न हिन्दी सही है न अंग्रेजी। जो भी लिखो एक में लिखो। चेक करके मेरे पास फाइलें भेजो।
सीएमओ सफाई में ध्यान दें
कलेक्टर ने सभी सीएमओ विशेषतौर पर मैहर सीएमओ से कहा कि आप लोगों का साफ सफाई पर ध्यान ही नहीं है। जहां देखो पन्नी जमा है। कचरा उठाया नहीं जा रहा है। गाय पन्नी कचरा खा रही हैं। ये आप लोगों का मूल काम है। एक दिन का नहीं लगातार होना चाहिए और सुबह उठ कर सफाई का निरीक्षण भी करो। जिला महिला बाल विकास अधिकारी पर कहा कि कभी फील्ड में भी जाओ। पोषण आहार नहीं बंट रहा है। कहीं नाश्ता नहीं मिल रहा कहीं बच्चों को खाना नहीं मिल रहा है।
एक दिन का वेतन काटा
नाट अटेंडेंट शिकायतों में ऊर्जा और पीएचई विभाग की दो-दो तथा नियंत्रक नापतौल, पुलिस और डीपीसी की एक-एक शिकायतें नाट-अटेण्ड रही। कलेक्टर ने इन शिकायतों में एल वन स्तर के अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये।
Published on:
14 May 2026 09:40 am
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