जिले की हालत प्रदेश के औसत से खराब, प्रदेश की उपलब्धि महज 40 फीसदी, 60 फीसदी महिलाओं को नहीं मिला कनेक्शन।
सतना। गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की प्रगति प्रदेशस्तर में काफी धीमी हो गई है। स्थिति यह है कि प्रदेशभर की 60 फीसदी गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन नहीं मिल सका है। जिले में करीब 67 फीसदी महिलाएं मुफ्त कनेक्शन से वंचित हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रमुख सचिव नीलम शमी राव ने शीघ्रता से लक्ष्य पूरा करने को कहा है। प्रदेश की स्थिति देखें तो 72.38 लाख लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस सिलेंडर देने का लक्ष्य है। इसके विपरीत अभी तक महज 36.58 लाख केवाईसी विभागीय जिम्मेदारों द्वारा जमा कराए जा सके हैं। इसमें से 31.21 लाख लोगों के आवेदन क्लीयर हुए हैं। 29.80 लाख लोगों के सदस्यता वाउचर जारी किए जा सके हैं।
जबकि इस काम में फीडिंग की लापरवाही मानी जा रही है। हालांकि लापरवाही आखिरी स्तर पर भी नजर आई है। सदस्यता वाउचर जारी होने के बाद भी सभी को गैस कनेक्शन नहीं मिल सका है। २६ हजार पात्र हितग्राही सदस्यता वाउचर पाने के बाद भी गैस कनेक्शन लेने के लिए भटक रहे हैं। कुल मिलाकर प्रदेश की उपलब्धि लक्ष्य के विपरीत ४१ फीसदी ही है। बता दें कि यह गैस कनेक्शन उन परिवारों को दिए जा रहे हैं जिनके नाम सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण एसईसीसी डाटा में दर्ज है।
सतना की हालत और खराब
प्रदेश के औसत से सतना जिले की तुलना की जाए तो यहां हालात और खराब हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यहां की प्रगति महज 33 फीसदी ही है। जिले का लक्ष्य 2.54 लाख रखा गया है। इसके विपरीत 1.04 लाख केवाईसी ही जमा कराए जा सके हैं। मैदानी स्तर पर विभागीय निष्क्रियता के चलते केवाईसी जमा होने की गति काफी कमजोर है। जमा केवाईसी के परीक्षण और सत्यापन का काम भी काफी धीमा होने से अभी तक 90800 के लगभग आवेदन क्लियर हो सके हैं। इनमें से 85056 आवेदकों को सदस्यता वाउचर जारी हो सके हैं। 84837 लोगों को ही मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जा सका है।
नवम्बर माह में प्रगति काफी धीमी
इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति में विभागीय गतिविधियां और धीमी हो चुकी हैं। स्थिति यह रही कि नवम्बर माह में लक्ष्य के विपरीत महज १७ फीसदी पात्र हितग्राही मुफ्त गैस कनेक्शन पा सके। बाकी अभी तक विभाग और एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। प्रमुख सचिव नीलम शमी राव ने जिले की इस स्थिति को आपत्तिजनक माना है और जिले में विशेष प्रयास करने की अपेक्षा जताई है। साथ ही दिसंबर और जनवरी माह का नया लक्ष्य क्रमश: ८३५२ एवं ८३५२ तय किया है।
मामला संज्ञान में है। इसे हम प्राथमिकता में ले रहे हैं। फीडिंग में धीमी गति के कारण स्थिति बनी है। एक सप्ताह में स्थिति सुधार ली जाएगी और लक्ष्य के अनुरूप जिला आ जाएगा।
मुकेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर