पासपोर्ट बनवाने वालों में 46 फीसदी युवा: डेढ़ साल में 8 हजार ने बनवाया पासपोर्ट
सतना। केंद्र सरकार की ओर से पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण सतना में पासपोर्ट सेवा केन्द्र खोलने से विंध्यवासियों में विदेश जाने की चाहत बढ़ी है। विदेश जाने की चाहत में वे बड़ी संख्या में पासपोर्ट बनवा रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पोस्ट ऑफिस सतना में डेढ़ साल के दौरान पासपोर्ट सेवा केन्द्र में विंध्य के 8 हजार लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया है। आवेदन करने वालों में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा करीब 46 फीसदी हैं। इनमें 18 से 40 साल के बीच के लोग शामिल हैं। विंध्य में भी सबसे ज्यादा पासपोर्ट सतना के 1950 बने हैं।
ये दस्तावेज चाहिए
पासपोर्ट बनवाने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं हैं। अगर आप भी इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं तो चार दस्तावेज होना आवश्यक है। यदि उम्र 18 से 50 वर्ष है तो 10वीं की अंकसूची, आधारकार्ड, पैनकार्ड तथा बैंक पासबुक। अगर आपकी उम्र 50 साल से अधिक है तो इसके लिए 10वीं की अंक सूची अनिवार्य नहीं है। वे आधारकार्ड, पैन एवं बैंक पासबुक देकर भी पासपोर्ट बनवा सकते हैं। बच्चों का पासपोर्ट बनवाने के लिए माता पिता का पासपोर्ट होना अनिवार्य हैं।
एेसे बनवाएं पासपोर्ट
अब किसी भी ऑनलाइन सेंटर में जाकर पासपोर्ट शुल्क जमाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद उसमें दर्ज दिनांक व समय पर पासपोर्ट केन्द्र में ओरिजनल दस्तावेज के साथ उपस्थित होना होगा। जहां पर आप के दस्तावेज का सत्यापन कर आवेदन पत्र जमा कर लिया जाएगा। इसके बाद एक से डेढ़ माह में पासपोर्ट आप के पते पर डाक से पहुंच जाएगे।
हर दिन 45 आवेदन
मुख्य डाकघर सतना स्थित पासपोर्ट सेवा केन्द्र एक दिन में अधिकतम 50 आवेदनों का वेरीफिकेशन करने की पात्रता रखता है। इसके मुकाबले केन्द्र में प्रतिदिन 40-45 आवेदन वेरीफिकेशन के लिए आते हैं। केंद्र में दस्तावेजों के सत्यापन एवं के बाद दस्तावेज ऑनलाइन कर भोपाल स्थित कार्यालय को भेज दिए जाते हैं। वहां से करीब डेढ़ माह में पासपोर्ट बनकर स्पीड पोस्ट से आवेदक के पते पर भेज दिया जाता है।
सबसे ज्यादा पासपोर्ट सतना के
पासपोर्ट सेवा केन्द्र सतना में विंध्य प्रदेश के आठ जिलों को जोड़ा गया है। इन आठ जिलों में पासपोर्ट बनवाने वालों में सतना अव्वल है। बीते डेढ़ साल में सतना जिले के 1950 लोगों ने पासपोर्ट बनवाया था। जबकी 1735 आवेदन के साथ रीवा दूसरे तथा कटनी जिला तीसरे नंबर पर रहा। विंध्य के आठ जिले में छतरपुर के लोगों ने पासपोर्ट बनवाने में अधिक रुचि नहीं दिखाई। डेढ़ वर्ष में यहां के मात्र 390 लोगों ही पासपोर्ट बनवाने सेवा केन्द्र पहुंचे।