सतना स्थित राइस मिल में ऐसी भयावह आग लगी जिसकी लपटें 10 किमी दूर तक नजर आ रही थी। इस अग्नि हादसे के दौरान एक मजदूर जिंदा जल कर पूरी तरह खाक में तब्दील हो गया। देखें तस्वीरें...
सतना। सतना नदी पुल के थोड़ा आगे अमरपाटन रोड पर स्थित एक राइस मिल में लगभग 8 बजे भयानक आग लग गई। आग की लपटे इतनी तेज थी कि 10 किलोमीटर दूर तक नजर आ रही थी। इस आग की चपेट में आकर एक मजदूर जिंदा जल गया है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने अमरपाटन रोड पर रात में चक्काजाम प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आग का कारण प्राथमिक तौर पर शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार सतना नदी पुल के आगे अमरपाटन- मैहर तिराहे से लगभग 100 मीटर दूर स्थित विद्याश्री राइस मिल में रात 8 बजे अचानक आग लग गई। मिल में धान और धान की भूसी बड़े पैमाने पर रखी हुई थी जिससे आग काफी तेजी से फैली। यह आग कुछ ही देर में इसी परिसर स्थित उस जगह भी पहुंच गई जहां धान की भूसी से तेल निकाला जाता है। इसके बाद तो आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज और ऊंची थी कि 10 किलोमीटर दूर तक नजर आ रही थीं। घटना के लगभग 15 मिनट बाद ही यहां पर दमकल वाहन पहुंचे और आग बुझाने का काम प्रारंभ कर दिया। हालांकि इस दौरान अफरा तफरी का माहौल बन गया था। मिल के पास मौजूद बस्ती में लोग भागने लगे थे। हालांकि कुछ देर में पहुंची पुलिस प्रशासन की टीम ने स्थिति को काबू में किया।
आग बुझाने के दौरान मिली मौत की जानकारी
जब आग बुझाने का काम जारी था तभी दो मजदूर बदहवाश हालत में बाहर नजर आए। जो झुलसे हुए थे। इन्होंने बताया कि दिलावर सिंह नाम का मजदूर शायद अंदर ही फंस गया है और बाहर नहीं आ पाया। इसके बाद उसके मोबाइल नंबर पर फोन लगाया गया लेकिन फोन में घंटी नहीं जा रही थी। मजदूर के अंदर आग में घिरे होने की आशंका के बीच रेस्क्यू आपरेशन प्रारंभ किया गया। संभावित क्षेत्र की आग बुझाई जाकर जब वहां प्रवेश किया गया तो पाया गया कि वह पूरी तरह जल चुका था और राख में तब्दील हो गया था। संभावना जताई गई है कि शार्ट सर्किट होने पर वह स्विच बंद करने गया होगा और उसी दौरान करंट में फंस गया जिससे बाहर नहीं निकल सका और बाद में आग में जल गया।
लीज पर चल रही थी मिल
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि यह राइस मिल मूल रूप से सौरभ जैन की है। सौरभ ने यह मिल लखनऊ निवासी वीरेन्द्र प्रधान को लीज पर दी थी। फिलहाल प्रधान द्वारा राइस मिल और साल्वेंट प्लांट का संचालन किया जा रहा था। अभी तक संचालक मौके पर नहीं पहुंच सका है और न ही उससे कोई संपर्क स्थापित हो सका है।
बायलर फटने की अफवाह से मची भगदड़
नगर निगम सीमा से 200 मीटर आगे अमरपाटन रोड स्थित विद्याश्री राइस मिल में लगी आग कुछ ही मिनटों में भयावह स्थिति में पहुंच गई। 8 बजे लगी आग सवा आठ बजे तक इस स्थिति में आ गई थी कि दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था कि पूरी मिल और इससे लगे साल्वेंट प्लांट में भी आग लग गई है। आग की लपटों को देख कर आस पास रहने वालों लोगों में यह अफवाह फैल गई कि प्लांट का बायलर फट गया है। इस अफवाह की वजह से आसपास रहने वाले लोगों में भगदड़ मच गई। लोग अपने घरो से बाहर निकल गए। कई लोग बदहवाश भागते भी नजर आए।
फायर ब्रिगेड पहुंची तब लोगों ने ली राहत की सांस
जब घटना स्थल पर फायर ब्रिगेड का दमकल वाहन पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने इन्हें भी बायलर फटने की जानकारी दी। लिहाजा दमकल कर्मी इस हिसाब से आग बुझाने की कोशिश करने लगे। लगभग पांच दमकल वाहन पानी डालने के बाद आग जब कुछ काबू में आई तो मिल के पीछे की ओर जाकर देखा गया तो पाया कि बायलर से प्रेशर किसी ने रिलीज कर दिया है। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया और बायलर सुरक्षित था। इसके बाद दमकल ने सभी दिशाओं से आग बुझाना शुरू किया। लगभग 11.30 बजे तक मिल की आग पर काबू पा लिया गया था। कुछ हिस्सा थोड़ा बहुत सुलग रहा था उसे भी 12 बजे तक बुझा दिया गया था।
तो हो जाता बड़ा हादसा...
फायर शाखा प्रभारी सुलभ पाठक ने बताया कि राइस मिल में चारों ओर भूसी पड़ी हुई थी और इसी परिसर में भूसी से आयल बनाने की मशीन भी लगी थी। जिससे आग तेजी से फैली। लेकिन यह आग बगल में स्थित साल्वेंट प्लांट में नहीं पहुंच सकी थी। अगर आग वहां पहुंच जाती तो वहां राइस ब्रान ऑयल भी आग की चपेट में आ जाता। आयल की आग बुझाना काफी मुश्किल काम होता। लेकिन यहां तक आग नहीं पहुंच पाई थी, उससे पहले आग पर काबू पा लिया गया। इस आग को काबू करने में नगर निगम के 5 दमकल वाहनों से 13 टैंकर पानी लगा है। दमकल वाहनों को रिफिल करने के लिए वाटर लॉरी और जेटिंग मशीन का भी उपयोग किया गया जिससे लगातार पानी की उपलब्धता बनी रही और आग पर जल्दी काबू पा लिया गया।
जहां बचने के लिए पहुंचा वहीं मौत खड़ी थी
एसडीएम राहुल सिलाडिया ने अग्निहादसे में मिल का मशीन आपरेटर दिलावर सिंह उर्फ पिंकू तिघरा (45) की मौत की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि जब आग तेजी से फैलने लगी तो वह बाहर की ओर नहीं निकल सका। लिहाजा आग से बचने के लिए मिल के एक सुरक्षित कोने की ओर भागा। लेकिन वहीं पर हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गया। करेंट की चपेट में आने से उसका शरीर पूरी तरह जल गया। आग से जलने की वजह से इसलिए इंकार किया जा रहा है क्योंकि जहां पर दिलावर का जला हुआ शरीर पड़ा था वहां आग की लपटों के निशान दीवार या आसपास नहीं थे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह आग की लपटों से झुलसते हुए यहां पहुंचा था या करंट की चपेट में आकर ही मौत हुई है। हालांकि शरीर राख में तब्दील नजर आ रहे है। विस्तृत शव परीक्षण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दो और मजदूरों के झुलसने की खबर है जिसमें से एक को जिला अस्पताल भिजवाया गया है।
गुस्साए ग्रामीणों ने लगा दिया जाम
जैसे ही दिलावर की मौत की खबर स्थानीय लोगों को मिली तो लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। चूंकि दिलावर तिघरा का निवासी था लिहाजा ज्यादातर लोग उसे पहचानते थे। आक्रोशित लोगों ने वहीं सड़क पर जाम लगा दिया। 12 बजे तक जाम नहीं खुल सका था। लोग मिल संचालक वीरेन्द्र प्रधान को बुलाने की मांग कर रहे थे। लेकिन 12 बजे तक उससे संपर्क नहीं हो सका था। हालांकि सीएसपी देवेन्द्र सिंह और थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी लोगों को समझाइश देने में लगे हुए थे।
पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की जानकारी मिलने पर दिलावर की पत्नी रेनू सिंह मौके पर पहुंच गई है। रो-रो कर उनका बुरा हाल है। वे कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। इनके 13 साल का एक बेटा और 11 साल की एक बेटी है। परिजनों द्वारा मुआवजे की मांग की जा रही है और संचालक को बुलाने की बात कही जा रही है। हालांकि मुआवजे की राशि को लेकर अभी परिजन कुछ नहीं बोल रहे हैं। परिजनों को आगे की बातचीत के लिए मृतक दिलावर के ससुर का इंतजार है।