सिंधी कैंप स्थिति शहरी स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की पूरी मनमानी चल रही है। उन्हें मरीजों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। बेधड़क होकर लापरवाही पूर्ण कदम उठाते हैं। स्थिति ये है कि स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों के जीवन को संकट में डालने से भी नहीं चुक रहे। ऐसा ही मामला सामने आया है। सुरेंद्र कुमार बंसल को एक्सपॉयरी डेट का इंजेक्शन लगाया गया और नियम विरुद्ध तरीके से 250 रुपए की वसूली भी की गई।
वे बताते हैं कि 15 अक्टूबर को इलाज कराने सिंधी कैंप स्थित शहरी स्वास्थ्य केंद्र इलाज कराने पहुंचे थे। स्लाइड टेस्ट करने पर मलेरिया होने की पुष्टि हुई। जिसके बाद मौके पर मौजूद स्वास्थ कर्मचारी ने कहा, तीन इंजेक्शन लगाने होंगे। उसने एक इजेक्शन तत्काल लगा दिया और दो इंजेक्शन मरीज को दे दिया कि एक-एक दिन के अंतराल में लगवा लेना। 16 अक्टूबर को भी सुरेंद्र ने एक इंजेक्शन लगवा लिया। लेकिन, इसी दौरान शनिवार को उनकी नजर इंजेक्शन के एक्सपॉयरी डेट पर पड़ी तो हैरान रह गए। जुलाई माह में ही एक्सपॉयरी डेट निकल चुकी थी। वे इसके बाद सिंधी कैंप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और कर्मचारी से शिकायत की, तो उसका कहना था कि कुछ नहीं होता। उन्होने विरोध जताया, तो अन्य कर्मचारियों ने कहा, जहां शिकायत करनी है कर दो। अभी यहां से जाओ। इस दौरान सुरेंद्र से अभ्रदता भी की गई।
नियमत: शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच से लेकर इलाज तक नि:शुल्क है। ओपीडी पर्ची छोड़ कर किसी प्रकार की राशि नहीं ली जा सकती। लेकिन, सिंधी कैंप स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की मनमानी है। पीडि़त सुरेंद्र के ओपीडी पर्ची के पीछे ही बिल बना दिया है। जिसमें अलग-अलग जांच दर्शा बिल बनाया गया है। जिसकी वसूली भी कर ली गई है।
सीएम हेल्प लाइन में शिकायत
सिंधी कैंप स्वास्थ्य केंद्र में पीडि़त की बात नहीं सुनी गई। जिसके बाद उसने मामले की शिकायत सीएम हेल्प लाइन में की है। जिसमें उसने एक्सपॉयरी डेट का इंजेक्शन लगाने व राशि वसूलने की शिकायत दर्ज कराई है।
सिंधी कैंप स्वास्थ केंद्र पहुंचने वाले मरीजों की माने, तो कोई डाक्टर नहीं आता है। छोटे से लेकर बड़ी मर्ज का इलाज कम्पाउंडर व नर्स के भरोसे है। किसी को मालुम भी नहीं कि कौन डाक्टर पदस्थ हैं?
मामला संज्ञान में नहीं है, अगर ऐसा है तो जांच करा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।