आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के घर से चल रहे 300 केंद्र हटाए, अगर अब नहीं किए शिफ्ट तो गिरेगी गाज
सतना। जिले में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ताओं द्वारा घर से ही चलाए जा रहे थे। महिला एवं बाल विकास महकमे से दो से ढाई हजार रुपए किराया भी लिया जा रहा था। महकमे की ओर से कराए गए सर्वे में 300 केंद्र चिह्नित किए गए। एेसे सभी केंद्रों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के घर से हटाकर दूसरे घरों में शिफ्ट कराया गया है।
दरअसल, सर्वे में सामने आया कि कार्यकर्ताओं द्वारा घरों से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित कर जमकर मनमानी की जा रही है। पोषक आहार वितरण सहित अन्य कार्यक्रमों का संचालन मनमाने ढंग से किया जा रहा है। डीपीओ, सीडीपीओ के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
लोग लगातार इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा रहे थे। इसके बाद महकमे द्वारा सर्वे कराकर एेसे केंद्रों का चिह्नाकन किया गया जो कार्यकर्ता अपने घरों से संचालित कर रही थीं। इन्हें एक माह के अंदर दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
शिफ्टिंग रिपोर्ट तलब
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीष सेठ ने बताया कि ग्रामीण सहित शहरी इलाकों की परियोजनाओं में एेसे 300 आंगनबाड़ी केंद्र चिह्नित किए गए थे जो कार्यकर्ताओं द्वारा अपने घरों से संचालित किए जा रहे थे। सभी केंद्र संबंधित क्षेत्र में ही दूसरे घरों में शिफ्ट किए गए हैं। सीडीपीओ सहित पर्यवेक्षकों से केंद्रों की शिफ्ंिटग संबंधी रिपोर्ट भी ली गई है।
किराए के भवन से चल रहे 1218 केंद्र
विभागीय रिपोर्ट की मानें तो महज 844 आंगनबाड़ी केंद्र ही खुद के भवन से संचालित हो रहे हैं। 975 केंद्र सरकारी भवन से चल रहे हैं। 1218 केंद्र अभी भी किराए के मकान से संचालित हो रहे हैं।
जिले में कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ता या सहायिका के घर से संचालित नहीं किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं के घरों से चल रहे 300 से अधिक केंद्र हटाए गए हैं।
मनीष सेठ, जिला कार्यक्रम अधिकारी
फैक्ट फाइल
- जिले में आंगनबाड़ी केंद्र - 3034
- खुद के भवन से संचालित - 844
- अन्य शासकीय भवन से संचालित -975
- किराए के मकान से संचालित - 1218
- गैर सरकारी संगठन द्वारा संचालित - 04