शहरवासियों के लिए राहत की खबर
सतना। 3 दिन पहले बाणसागर से छूटा एनीकेट के लिए पानी शनिवार सुबह पहुंचा। अल सुबह 35 सेमी पानी भंडारित स्थल एनीकेट में आ चुका था, जबकि पहले से महज 65 सेमी के स्तर तक पानी का भंडारण था। दावा किया गया कि शनिवार सुबह 100 किमी का सफर तय करके नहर के जरिए पानी एनीकेट में प्रवेश हुआ। जल संकट को देखते हुए नगर निगम की डिमांड पर बाणसागर के अधिकारियों ने पानी दिया। अब देखना होगा कि पेयजल संकट से कितनी राहत मिलती है।
15 क्यूमेक्स पानी छोड़ा
बाणसागर परियोजना से नगर निगम के 4 मीटर के एनीकेट को लबालब करने तकरीबन 15 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है। जो रास्ते में पडऩे वाले नदी नालों से गुजर कर पहुंचा। बहरहाल पानी के लिए मचा हाहाकार निगम के लिए बड़ी सिरदर्दी थी।
फिर भी दावा खोखला
नगर के अंदर 110 करोड़ की जलावद्र्धन व 42 करोड़ की अमृत योजना संचालित है, परंतु शहर सरकार ने 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने का जो दावा किया था उसमें सफलता हाथ नहीं लगी है। कई एेसे क्षेत्र हैं जहां अब तक शत-प्रतिशत पेयजल सप्लाई लाइन नहीं बिछ सकी है।
सिर्फ 65 सेमी पानी था शेष
19 मई की शाम तक 4 मीटर गहरे एनीकेट में सिर्फ 65 सेमी पानी शेष था। एनीकेट से रोजाना 10 से 15 सेमी पानी खप रहा था। लिहाजा इसी के चलते इस बार पानी मांगाने में जल्दबाजी की गई।
15 क्यूमेक्स पानी बाणसागर से 3 दिन पहले छोड़ा है। जो नहर के जरिए रास्ते में पडऩे वाले नदी-नालों को भरते हुए एनीकेट पहुंचा है।
राममणी शर्मा, एसई, बाणसागर परियोजना
आंगनबाड़ी केन्द्रों में मिल्क पाउडर की खेप पहुंची
आंगनबाड़ी केन्द्रों में बंटने वाले मिल्क पाउडर की सप्लाई बीच-बीच में ठप हो जाती है। निरंतर निगरानी न होने के चलते एेसे हालात बनते हैं।अगस्त 2015 में आंगनबाड़ी केन्द्रों में दूध पाउडर देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, परंतु ढाई वर्ष के अन्दर कई बार सप्लाई आंगनबाडिय़ों तक नहीं पहुंच सकी। पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों में धीरे-धीरे पहुंचने लगी है।