
कटनी/सतना. ट्रक के नीचे दबने से एक व्यक्ति की मौत का मामला कअनी जिले की बरही थाना पुलिस दबाए रही। जब सतना के उचेहरा में रहने वाले क्लीनर की मौत का मामला तूल पकडऩे लगा तो शुक्रवार को बरही थाना पुलिस ने इस मामले में मुंह खोला। यह घटना बुधवार और गुरुवार की रात की है। जब बरही से रेत लेकर उचेहरा जा रहा ट्रक एमपी 53 एचए 1694 का चालक सत्यभान बरही के उबरा टोल नाका से गुजरा तभी सतना जिले के उचेहरा थाना अंतर्गत रहने वाला समयलाल पुत्र रमई कोल (35) ट्रक के नीचे आ गया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इधर घटना के बाद आरोपी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। गुरुवार को यह खबर आई थी कि ट्रक चालक की मौत हुई है। जब पुलिस ने मृतक के बारे में बताया तो पता चला कि मृतक ट्रक का क्लीनर था। टोल कर्मियों से सूचना मिलने पर बरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आनन फानन में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बरही थाना पुलिस 24 घंटे से ज्यादा समय तक मामले को दबाए रही। शुक्रवार को पुलिस डीएसआर में इस घटना की जानकारी मीडिया को भेजी। एेसे में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि बरही थाना पुलिस घटना के बाद मामले को दबाने के प्रयास में लगी रही। दो दिन बाद भी बरही थाना प्रभारी इतने बड़े घटनाक्रम से अपने आप को अनजान बताते रहे।
बगैर परमिट-फिटनेस दौड़ रहा था वाहन
यह जानकारी सामने आ रही है कि जिस वाहन से हादसा हुआ है वह नियम विरुद्ध तरीके से सड़क पर दौड़ रहा था। यह वाहन अंजुला पांडेय निवासी डांगा तहसील मझौली जिला सीधी के नाम से परिवहन विभाग की साइट पर रजिस्टर्ड है। इस वाहन का 16 मई 2018 से फिटनेस नहीं है। साथ ही 28 फरवरी 2015 से न तो बीमा कराया गया और न ही परमिट है। इसके बाद भी वह फर्राटे भर रहा था। सवाल यह उठ रहा है कि जब यह वाहन सीधी जिले का है तो सतना का व्यक्ति अपना होने का दावा क्यों कर रहा है? क्या नियम विरूद्ध तरीके से अवैध परिवहन के लिए ट्रक को ठेके पर लिया गया था? यह भी देखने की बात है कि अगर सब कुछ नियमों के तहत नहीं है तो ट्रक मालिक आरोपी बनेगा या नहीं?
"सतना के पिंकू सिंह का फोन आया था। वे अपना ट्रक होना बता रहे थे। ट्रक अपने ही हिरासत में है, लेकिन अभी जब्ती नहीं हो पाई है। जांच सहायक उप निरीक्षक गोपाल सिंह को मैंने सौंप दी है।" -महेश मसराम, मेजर, बरही थाना
"मुझे महेश मेजर द्वारा कोई भी मर्ग डायरी नहीं दी गई और ना ही मैं इस मामले की जांच कर रहा। घटना के संबंध में वहीं बता पाएंगे कि कब, क्या घटना हुई है और क्या कारज़्वाई कर कर रहे हैं।" -गोपाल सिंह, एएसआइ, थाना बरही
"मामले को नहीं दबाया जा रहा। गुरुवार को अजय सिंह के दौरे व शुक्रवार को शांति समिति की बैठक में व्यस्त था। इस मर्ग के संबंध में जानकारी नहीं है। महेश मेजर द्वारा जांच की जा रही है। वाहन जब्ती संबंधी कार्रवाई चल रही है।" - राजेश दुबे, थाना प्रभारी, बरही