सतना

दरोगा के ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने वाले डकैत के खिलाफ कोर्ट ने सुनाया ये फैसला, जिसने भी सुना कांप गई रूह

चित्रकूट कोर्ट का फैसला: दरोगा पर गोली चलाने वाले डकैत को ७ साल की सजा
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Updated: 7 Nov 2018, 3:40 PM IST
big decision of Chitrakoot Court's in satna
big decision of Chitrakoot Court's in satna

सतना। दस साल पहले दरोगा को जान से मारने की नीयत से गोली चलाने वाले डकैत को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। चित्रकूट के अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष सिंह की कोर्ट ने पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

अभियोजन अधिकारी विवेक चंद्रा ने बताया कि 12 दिसंबर 2008 को दरोगा चिरंजीव मोहन अपनी टीम के उप निरीक्षक जय सिंह परिहार, कांस्टेबल इंद्रजीत मिश्रा, धनरीराम वर्मा व जीप चालक राम शरण के साथ बंबुरी बंधा के पास जंगल में कॉम्बिंग कर रहे थे।

दरोगा ने जमीन पर लेट कर जान बचाई

कोलुहा पहाड़ के पास असलहा लिए व्यक्ति दिखाई पडऩे पर आवाज दी। इस पर उसने फायर झोंक दिया। इसके बाद दरोगा ने जमीन पर लेट कर जान बचाई। बाद में आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम खुशदिल यादव बताया। उसके कब्जे से एक तमंचा व कारतूस बरामद हुआ।

लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था

उसने बताया कि 21 जून 2008 को ग्राम गढ़वा में अपने साथी सरदार उर्फ कबुलवा व गैंग लीडर बाबू लाल उर्फ बबुल्ला के साथ लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। इस पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

सात साल सश्रम कारावास

विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम व अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सुभाष सिंह ने डकैत को मामले में दोषी पाते हुए सात साल सश्रम कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। इसी क्रम में अवैध शस्त्र रखने के मामले में भी तीन साल सश्रम कारावास व तीन हजार रुपए जुर्माना की सजा का फैसला दिया है। दोष सिद्ध अभियुक्त खुशदिल वर्तमान में जेल में बंद है।

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7 Nov 2018, 3:40 PM IST
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