
सतना। कलौंजी का इतिहास भारत में बहुत ही पुराना है। कलौंजी रनुनकुलेसी कुल का झाड़ीय पौधा है, जिसका वानस्पतिक नाम "निजेला सेटाइवा" है जो लैटिन शब्द नीजर (यानी काला) से बना है। यह भारत सहित दक्षिण पश्चिमी एशियाई, भू-मध्य सागर के पूर्वी तटीय देशों और उत्तरी अफ्रीकाई देशों में उगने वाला वार्षिक पौधा है जो 20-30 सें. मी. लंबा होता है। सदियों से कलौंजी का प्रयोग एशिया, उत्तरी अफ्रीका और अरब देशों में मसाले व दवा के रूप में होता आया है।
आयुर्वेद और पुराने इसाई ग्रंथों में इसका वर्णन है। चिकित्सक कलौंजी का प्रयोग जुकाम, सिरदर्द, दांत के दर्द, संक्रमण, एलर्जी आदि रोगों के उपचार में करते थे। अब कलौंजी का इस्तेमाल कई तरह की दवाईयां बनाने के लिए किया जाता है। कलौंजी खाने से भी कई बीमारियां दूर हो जाती है। यहां हम आपको इसके तेल के फायदों के बारे में बताने जा रहें है।
ये है फायदे
1. कैंसर सेल्स: इस में मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटी-ऑक्सीडेंट्स गुण शरीर में कैंसर सेल्स को खत्म करते है। इससे आप इस खतरनाक बीमारी से बचे रहते है।
2. गठिया रोग: कलौंजी के तेल में लहसुन को पका कर दर्द वाली जगह पर मालिश करें और पट्टी कर लें। रोजाना इससे मालिश करने पर दर्द के साथ गठिया और शरीर में सूजन की समस्या दूर हो जाती है।
3. अस्थमा: गुनगुने पानी में कलौंजी का तेल और शहद मिक्स करें। सुबह खाली पेट इस मिश्रण का सेवन अस्थमा की समस्या को खत्म कर देगा।
4. वजन घटाना: रोजाना सुबह खाली पेट 1 चम्मच कलौंजी के तेल का गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इससे कुछ ही दिनों में आपको मोटापा कम हो जाएगा।
5. पेट के कीड़ें: कलौंजी को पीस कर दूध के साथ लें। ये पेट के कीड़ों की समस्या को जड़ से खत्म कर देता है।
6.ब्रेन ट्यूमर: ब्रेन ट्यूमर की समस्या होने पर रोज कलौंजी के बीज और तेल को मिक्स करके खाएं। इससे ब्रेन ट्यूमर विकार में तेजी से सुधार होता है।
7. पाइल्स: कलौंजी के तेल को नारियल पानी में मिलाकर 15-20 दिनों तक पीएं। इससे पाइल्स की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
8. सर्दी-खांसी, कफ: 2 चम्मच कलौंजी, अदरक का रस और 1 चम्मच शहद को मिलाकर दिन में 2 बार पीएं। इससे सर्दी, कफ, जुकाम और पुरानी से पुरानी खांसी दूर हो जाएगी।
9. डायबिटीज: कलौंजी तेल का इस्तेमाल शरीर में इंसुलिन की मात्रा को ठीक रखता है। इससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
10. आंख के लिए फायदेमंद: धुंधला दिखना आंखों से पानी आना, लालपन और दर्द को दूर करने के लिए कलौंजी का तेल में गाजर का जूस मिक्स करके पीएं।