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सतना में इंजीनियर की दबंगई, बंदूक लेकर सरकारी कार्यों का सत्यापन

सतना जिले के एक उपयंत्री ने सरकारी सिस्टम को सवालों में खड़ा कर दिया है। बंदूक लेकर सरकारी कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। अब जिपं सीईओ ने इस मामले में जवाब तलब किया है।

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gundaraj

सतना। मझगवां जनपद में पदस्थ उपयंत्री (Sub Engineer) एसके समेले एक बार फिर विवादों में हैं। हालिया विवाद शासकीय कार्य के लिए फील्ड विजिट के दौरान रायफल लेकर जाने से जुड़ा है। ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों के मूल्यांकन के लिए जब वे जाते हैं तो अपने साथ रायफल लेकर जाते हैं। इस वजह से पंचायत के निवासियों में भय का माहौल बना हुआ है और वे बंदूक के भय से उनके पास अपनी समस्या लेकर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। इधर मामला संज्ञान में आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित उपयंत्री की इस हरकर पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को पत्र लिखा है।

जानकारी के अनुसार उपयंत्री एसके समेले जब ग्राम पंचायत हिरौंदी में कार्यों का निरीक्षण करने गए तो अपने साथ रायफल लेकर गए थे। इस दौरान उनके साथ सचिव और सरपंच भी मौजूद रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि इनके द्वारा बड़े पैमाने पर गुणवत्ताहीन कार्य करवाए जा रहे हैं। ऐसे में कोई ग्रामीण उन पर सवाल खड़ा न कर सके या फिर कार्य की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत न करें इसलिए रायफल साथ में रख कर चल रहे हैं। इसलिए कार्य के मूल्यांकन के दौरान उनके साथ सिर्फ सरपंच और सचिव ही मौजूद रहते हैं। इस भ्रष्टाचार में सचिव के भी शामिल होने के आरोप है।

शस्त्र के साथ निरीक्षण पर सवाल

विभागीय जानकारों का कहना है कि विकास कार्यों के निरीक्षण और मूल्यांकन के लिए फील्ड में जाने वाले अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यप्रणाली की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान शस्त्र के साथ मौजूद होना सवाल खड़े करता है। अगर किसी अधिकारी को किसी प्रकार का भय है तो वह संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को और पुलिस को सूचित कर सकता है। बिना वैधानिक अनुमति के शासकीय कार्यों के दौरान इस प्रकार शस्त्र लेकर चलना नियमों के विरुद्ध है।

विवादों से रहा है पुराना नाता

इनकी पुरानी पदस्थापना नागौद जनपद में थी। इस दौरान सहायक लेखाधिकारी और एपीओ के बीच इनका विवाद काफी चर्चा में आया था। इसे देखते हुए तत्कालीन जिपं सीईओ संजना जैन ने इन्हें मझगवां जनपद में पदस्थ कर दिया था। मझगवां पदस्थापना के दौरान भी इन पर लेनदेन के गंभीर आरोप लगे। जांच में में आरोप प्रमाणित भी हुए। इसके बाद इन्हें संबंधित सेक्टर से हटा कर दूसरे सेक्टर में भेज दिया गया। अब जिस सेक्टर में हैं वहां नया विवाद रायफल साथ लेकर चलने का खड़ा हो गया है।

उपयंत्री समेले को नोटिस जारी

इधर मामला संज्ञान में आने के बाद जिपं सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने उपयंत्री समेले को नोटिस जारी किया है। जिसमें सरपंच सचिव की उपस्थिति में बंदूक लेकर चलने को सेवा शर्तों का उल्लंघन बताया गया है। साथ ही लगातार उनके विरुद्ध मिल रही शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। उपयंत्री से 22 जून को जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है।

"मामला काफी गंभीर है। सरकारी कार्य के दौरान इस तरह रायफल लेकर चलना अनुमत्य नहीं है। इस मामले में उपयंत्री को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही अपर कलेक्टर एवं अपर जिला दंडाधिकारी को पत्र लिखा गया है। ताकि शस्त्र की वैधानिकता और इस तरह शस्त्र लेकर चलना अनुमत्य है या नहीं आदि की जानकारी ली जा सके।" - शैलेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ