ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ स्पेशल
सतना. स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आक्रामक कैंसर है । फेफ ड़ों के कैंसर के बाद महिलाओं में कैंसर से मृत्यु का दूसरा मुख्य कारण है। इसलिए महिलाओं को स्तन कैंसर के लक्षणों के बारे में जानना बेहद महत्वपूर्ण है। शरीर के किसी भी अंग में होने वाली कोशिकाओं को की अनियंत्रित ग्रोथ कैंसर का प्रमुख कारण होती है। शरीर की आवश्यकता अनुसार यह कोशिकाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन जब यह लगातार वृद्धि करती हैं तो कैंसर का रूप ले लेती है। इसी प्रकार स्तन कोशिकाओं में होने वाली अनियंत्रित वृद्धि स्तन कैंसर का मुख्य कारण है। कोशिकाओं में होने वाली लगातार वृद्धि एकत्र होकर गांठ का रूप ले लेती है जिसे कैंसर टयूमर कहते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर महिलाएं स्तन कैंसर होने के लक्षण को पहले या दूसरे चरण में पहचान लें तो सही समय पर इसका इलाज संभव है। इस महीने को ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के रूप में मनाया जा रहा है। आज हम इससे जुड़ी जरूरी जानकारियां आपसे शेयर कर रहे हैं।
अल्ट्रासाउंड और मेमोग्राम से जांच संभव
एक्सपर्ट का कहना है कि आमतौर पर 20 साल की उम्र में ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता। इसकी संभावना तीस के बाद बढ़ जाती है। फि र भी आपको कैंसर स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए। गांठ कैंसर वाला है या नहीं इसका पता लगाना जरूरी है। गांठ का पता अल्ट्रासाउंड और मेमोग्राम से होता है। आपकी उम्र कम है इसमें अल्ट्रासाउंड करना चाहिए । इसके साथ आपको एक एनएसी टेस्ट कराना चाहिए यह एक ऐसा टेस्ट है जो कैंसर बताता है। इस टेस्ट में गांठ में सुई डालकर थोड़ा सा फ्लयूड निकाल लिया जाता है और इसे माइक्रोस्कोप के जरिए जांच की जाती है।
खुद करें जांच
कैंसर एक्सपर्ट डॉ. गौरव हर महिला अगर ध्यान दे तो वह पता कर सकती है कि उसे ब्रस्ट कैंसर है कि नहीं। स्तन पर गांठ है तो उस गांठ का नेचर पता करना बेहद जरूरी है। हर महिला और युवती को अपने ब्रेस्ट की जांच खुद करनी चाहिए। नहाने के समय अपने ब्रेस्ट को प्रेस करके पता लगाए की कोई गांठ तो नहीं है। यह प्रोसेस रोजाना करें। जैसे ही कोई गांठ नजर आए। तुरंत डॉक्टर से मिले। बहुत सी महिलाओं को यह भ्रांति होती है कि खान पान की वजह से ब्रेस्ट कैंसर होता है जबकि एेसा नहीं है।
स्तन कैंसर के लक्षण
स्तनों पर गांठ या आप पास के हिस्से का मोटा होना।
अंडर आर्म के उरिया में गांठ का होना या मोटी परत आना।
स्तन के आकार में परिवर्तन।
निप्पल क्षेत्र के पास लाल या परतदर त्वचा।
ब्रेस्ट पर गढ्ढे पडऩा।
स्तन की त्वचा का रंग नारंगी होना।
वेजिनल पेन।
निप्पल से होने वाला डिस्चार्ज।
किसी एक ब्रेस्ट का आकार बढ़ जाना।
ब्रेस्ट की नसों में स्पॉट नजर आना।