चोरों का दुस्साहस: कोलगवां थाना के जमोड़ी गांव की वारदात, लाखों के गहने चोरी
सतना। कोलगवां थाना इलाके के जमोड़ी गांव में पूर्व सरंपच के घर चोरी के इरादे से घुसे चोरों ने उनकी पत्नी पर केमिकल अटैक कर दिया। इसके बाद वे घर से लाखों के गहने चोरी कर फरार हो गए। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात हुई इस वारदात के बारे में पीडि़ता को सुबह नींद खुलने पर पता चला। परिजनों ने पुलिस को खबर देते हुए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस गंभीर मामले में पुलिस की असंवेदनशीलता भी दिखी।
कैमिकल अटैक की खबर मिलने के बाद भी पुलिस का कोई अफसर घंटों तक न तो घटना स्थल की जांच करने पहुंचा और न ही पीडि़ता के बयान दर्ज करने कोई सक्षम अधिकारी आया। खानापूर्ति के लिए हवलदार को बाबूपुर चौकी से भेजा गया।
उसने पीडि़ता के देवर की रिपोर्ट पर आइपीसी की 458, 380 के तहत चोरी का अपराध कायम किया है। दूसरी ओर शाम के वक्त फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट अजीत सिंह और टीआइ आरपी सिंह घटना स्थल पर पहुंचे। घटना स्थल सुरक्षित होने से कई फिंगर प्रिंट मौके पर मिले हैं। उनकी जांच की जा रही है।
पीड़िता की सुबह खुली आंख
पीडि़ता शांति शुक्ला पत्नी नारेंद्र कुमार शुक्ला निवासी जमोड़ी का कहना है कि सोमवार की सुबह करीब सात बजे उनकी आंख खुली तो चेहरे पर अजीब सा महसूस हुआ। उठकर देखा तो घर के कुछ कमरों के ताले टूटे और सामान बिखरा पड़ा था। घबरा कर शांति ने पड़ोस में रहने वाली चाची हिकनकी शुक्ला को बताया तो शांति का चेहरा देख वह भी घबरा गईं। एेसे में शांति को उनके देवर लाल बहादुर शुक्ला जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
चोरों को थी सबकी खबर
वारदात के बाद यह बात भी सामने आ रही कि सुरक्षित घर होने के बाद घटना होने में किसी जानकार का हाथ हो सकता है। बदमाशों को यह पता था कि शांति घर में अकेली हैं। रात 9 बजे के बाद वह सो चुकी थीं, जब बदमाशों की हरकत हुई तो उन्हें ठीक से होश ही नहीं कि किसने क्या किया? घर में काम करने वाले कुछ लोगों का भी आना जाना था। एेसे में संदेह एेसे लोगों पर ही है जो घर के हालातों से परिचित थे।
पति का मुंबई में इलाज
शांति के पति पूर्व सरपंच नारेन्द्र का इलाज मुंबई में चल रहा है। परिवार के सदस्य नारेन्द्र को कुछ दिन पहले ही जीप से मुंबई लेकर गए थे। मुंबई में ही नारेन्द्र का बेटा भी रहता है। जब नारेन्द्र को घटना की खबर मिली तो वहां मौजूद परिवार के सदस्य प्लेन से जबलपुर के लिए रवाना हुए। वहां से सड़क मार्ग से सभी देर रात सतना पहुंचे।
यह पहला मामला
केमिकल अटैक करते हुए चोरी करने का यह पहला मामला सामने आया है। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया गया, जिससे शरीर की चमड़ी में छेंद हो गए। हाथों में जहां-जहां एसिड के छींटे पड़े वहां जलने और छेंद होने के निशान स्पष्ट हैं। चेहरे और गले पर भी गंभीर घाव हुए हैं।
किलो में सोना-चांदी
पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि नारेन्द्र के घर से चोरी गया सोना-चांदी किलो की मात्रा में था। लेकिन शांति यह स्पष्ट नहीं कर सकीं कि आखिर कितने गहने उनके घर से चोरी हुए हैं। शांति की ननद ने बताया कि उनके गहने भी यहीं रखे थे। नारेन्द्र और परिवार के बाकी सदस्यों के लौटने पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर किना सोना चांदी चोरी हुआ है।
किसी केमिकल का प्रयोग बदमाशों ने किया है। मामले की बारीकी से जांच कराई जा रही है।
वीडी पाण्डेय, सीएसपी
किस तरह के केमिकल का उपयोग किया गया, यह स्पष्ट नहीं कह सकते। एसिड की संभावना से भी इंकार नहीं है।
डॉ. एमएम पाण्डेय, जिला अस्पताल