सतना

Satna weather: पशुओं को बीमार कर रही फाल्गुन की ठंड, 50 पार पहुंची जिला पशु चिकित्सालय की ओपीडी

फरवरी में पड़ रही कड़ाके की ठंड पशु-पक्षियों पर पड़ रही भारी  

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Feb 12, 2020
Satna weather

सतना. फरवरी में पड़ रही कड़ाके की ठंड इंसान के साथ पशु पक्षियों पर भी भारी पड़ रही है। फाल्गुन में कंपकंपाती ठंड ने जानवरों की सेहत बिगाड़ दी है। ठंड के कारण जिला पशु चिकित्सालय की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे पशुआें की संख्या तीन गुना इजाफा हुआ है। पशु जिला अस्पताल की पालीक्लीनिक में प्रतिदिन इजाल के लिए ५० से ५५ पशु लेकर पशुपालक पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश पशु ठंड लगने से होने वाली बीमारियों से पीडि़त हैं।

सर्वाधिक संख्या डॉगी की
पशु जिला अस्पताल की पाली क्लीनिक प्रभारी ने बताया कि वर्तमान में इलाज के लिए जो पशु आ रहे हैं उनमें आधे से अधिक संख्या पालतू डॉग की है। इनमें अधिकांश पुश उल्टी-दस्त एवं सर्दी जुकाम की बीमारी से पीडि़त हैं। इसके अलावा बीमार पशुओं में बकरी की संख्या अधिक हैं। जो पशु जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं उनमें भूख न लगना एवं गलघोटू की बीमारी के केस भी शामिल हैं।

यह मौसम खतरनाक
जिला पशु पालीक्लीनिक के प्रभारी डॉ. बृहस्पति भारती ने बताया कि दिन में तेज धूप और रात में कड़ाके की ठंड इंसान के साथ पशुओं के लिए भी खरनाक है। इस मौसम में पशुओं के खानपान एवं रहनसहन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ठंड से सर्वाधिक खतरा दुधारू पशुओं को है। क्योंकि एक दूधारू पशु ठंड लगने से बीमार हुआ तो इसका असर दुग्ध उत्पादन पर पड़ेगा और किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है।

यह रखें ध्यान
- पशुओं को रात में खुले आसमान के नीचे न बांधे।
- जिस मकान में पशु बाधते हैं उसके खिड़की दरवाजे बंद रखे।
- पशुआें को बासी पानी न पिलाएं।
- ठंड से प्रभावित पशु को बुखार हो तो उसका तत्काल इलाज कराएं।

Published on:
12 Feb 2020 07:41 pm
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