
रीवा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुढ़ के कांग्रेसी विधायक सुंदरलाल तिवारी ने पत्रकारवार्ता में आपत्तिजनक बात बोली है। उन्होंने कहा कि जिस तरह वैश्या अपनी आत्मा बेचती है। उसी तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री वोट के लिए अपनी आत्मा बेचकर गलत काम कर रहे है। कहा कि व्यापमं मामले में अगर मुख्यमंत्री को सजा नहीं होती है तो यह माना जाएगा कि प्रदेश में सिर्फ कानून व नियम गरीबों के लिए है। क्योंकि बिना मुख्यमंत्री की सहमति व्यापमं जैसा घोटाला संभव नहीं है।
ये है पूरा मामला
अपने निज निवास में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना 2018 लागू किया है। इसमें पंचायत स्तर में प्रत्येक वार्ड में 5 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। इसमें प्रभारी मंत्री द्वारा जिले के सदस्यों को नामांकित करना है। इस आदेश में प्रशासन को किनारे करते हुए ग्राम पंचायत स्तर में जो समिति के सभी पंचायतों में गठित की गई है। इन सभी समितियों में पंचायत स्तर पर भाजपा के सदस्यों को शामिल किया गया है। इसी तरह ग्राम पंचायत में मंडली गठित की गई है। इन मड़लियों को 25-25 हजार रुपए प्रदान किए जाने है लेकिन इन ग्राम पंचायत में मंडलियों का गठन भी प्रभारी मंत्री चयनित किया जाना है। इस तरह भाजपा व प्रदेश के मुख्यमंत्री मतदान के लिए वैश्या की तरह काम कर रहे है।
सुरक्षित नहीं है बेटियां
प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुइ है लेकिन सरकार इन्हें रोक पाने में विफल रही है। साथ ही जो 12 साल की नीचे किशोरी से दुष्कर्म करने पर फांसी की सजा का जो कानून बनाया है उसके भी पुर्नविचार की आवश्यकता है सरकार ने यह कानून जल्दबाजी में लाया है। इससे दुष्कर्म की घटनाएं नहीं रुक सकेगी।
भाजपा वोट के लिए करती है धंधा
कांग्रेस गुढ विधायक ने कहा कि बेरोजगार व गरीबों को वोट में भाजपा को धंधा दिखाई देता है। यही कारण है वह मतदान के दौरान इन मतदाताओं को थोड़ा सा लाभ देकर अपने पक्ष में मतदान करती है। इसके मनमर्जी कानून चला रही है। यही कारण देश की सर्वोच्च सस्था सुप्रीम कोट के जजों को सामने आकर हो रहे अन्याय के खिलाफ बोलना पड़ा है।