उचेहरा थाना क्षेत्र के भटनवारा गांव का मामला, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, मर्ग कायम कर जांच में जुटी पुलिस
सतना। उचेहरा थाना क्षेत्र के भटनवारा गांव में शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव जिस शख्स का है वह दो दिन से लापता था। जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि गांव की नदी में शव उतराता रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकाला। जिसकी शिनाख्त भटनवारा गांव निवासी गजेंद्र सिंह (57) के रूप में परिजन ने की। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मृतक सोमवार की दोपहर से लापता था। जिसकी परिजन तलाश कर रहे थे। सतना से फोरेंसिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह ने शव व घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है।
ये है मामला
टीआई उचेहरा विनय यादव ने बताया कि शव को पहली बार गांव की एक महिला ने देखा और परिजन को इसकी सूचना दी। मौत की वजह अभी साफ नहीं है। मृतक के शरीर में बाहरी चोंट के निशान नहीं है, शव लगभग 24 घंटे पुराना हो सकता है। मौत डूबने से हुई या फिर हत्या कर इसे दुर्घटना का रूप दिया गया, इस मामले में पुलिस फिलहाल कुछ नहीं बोल रही। टीआई ने कहा कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद की वजह साफ होगी। हालांकि मृतक के परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। बताया गया कि मृतक हत्या के एक मामले में गवाह था। पुलिस मामले की हर पहलू पर जांच कर रही है।
शव का होगा डायटम परीक्षण
सूत्रों के मुताबिक हाई प्रोफाइल मामले में उचेहरा पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस शव का पोस्ट मार्टम के अलावा डायटम परीक्षण भी कराएगी ताकि गजेंद्र सिंह की मौत की असली वजह सामने आ सके। बताया गया कि पानी से शव मिलने के बाद पुलिस के सामने असली चुनौती मौत की असली वजह का पता लगाना है। डायटम परीक्षण से इस तथ्य का पता चलता है कि मौत डूबने से हुई है या नहीं। इस विधि में मृतक के फेफड़ों के ऊतकों का परीक्षण कर पानी में डूबने से मौत की पड़ताल की जाती है।