MP News : परम पूज्य परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज को सोमवार प्रातः 10 बजे वैदिक एवं परमहंसीय परंपरा के अनुसार समाधि दी जाएगी।
MP News :मध्य प्रदेश के सतना जिले के अंतर्गत आने वाले धारकुंडी धाम में धारकुंडी आश्रम के संस्थापक, परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज के अंतिम दर्शन में रविवार को श्रद्धा और शोक का जनसैलाब उमड़ पड़ा। 102 वर्ष की आयु में महाप्रयाण करने वाले इस युगपुरुष संत के ब्रह्मलीन होने से संपूर्ण विंध्य क्षेत्र शोकाकुल है। वहीं, उनके चरणों में अंतिम नमन के लिए लाखों श्रद्धालु भाव-विह्वल नजर आए। रविवार दोपहर मुंबई के बदलापुर आश्रम से संतों के काफिले के साथ स्वामीजी की पार्थिव देह धारकुंडी पहुंची हर कोई शोक में डूबा नजर आया।
वीरेंद्र महाराज, अनिल महाराज, कमलेंद्र महाराज और जगदीश महाराज सहित संत समाज का काफिला जबलपुर, अमरपाटन, मैहर, रीवा होते हुए बड़ी सेमरिया मार्ग से धारकुंडी पहुंचा। मार्ग में गांव-गांव श्रद्धालु कतारबद्ध खड़े रहे और पुष्पवर्षा कर अपने आराध्य को अंतिम विदाई दी। धारकुंडी आश्रम पहुंचते ही परिसर आस्था के महासागर में बदल गया। भजन-कीर्तन, गुरु स्मरण और अश्रुपूरित नेत्रों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने गुरु को अंतिम प्रणाम किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार शाम धारकुंडी आश्रम पहुंचे और ब्रह्मलीन संत के अंतिम दर्शन कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि, स्वामी सच्चिदानंद महाराज का महाप्रयाण केवल एक संत का जाना नहीं, बल्कि विंध्य की आत्मा को छू लेने वाली अपूरणीय क्षति है। उनका सान्निध्य जनमानस को आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवन की सकारात्मक दिशा देता रहा। धारकुंडी धाम उनके तप और साधना से एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी आश्रम पहुंचकर अंतिम दर्शन किए और इसे समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने ट्रस्ट सचिव रामायण बाबा एवं संत समाज से भेंट की। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, सांसद जनार्दन मिश्रा, सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। रीवा संभाग आयुक्त बी.एस. जामोद, आईजी गौरव राजपूत, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की। लगभग 600 से अधिक पुलिस बल तैनात रहे, आश्रम से पांच किलोमीटर पहले पार्किंग व्यवस्था बनाई गई और हेलीपेड सहित चार स्थानों पर विशेष इंतजाम किए गए।
आश्रम प्रबंधन के अनुसार, परम पूज्य परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज को सोमवार प्रातः 10 बजे वैदिक एवं परमहंसीय परंपरा के अनुसार समाधि दी जाएगी। धारकुंडी धाम रविवार को केवल एक आश्रम नहीं, बल्कि विंध्य की सामूहिक श्रद्धा और गुरु भक्ति का जीवंत केंद्र बन गया। जहां एक युगपुरुष को विदाई देते हुए लाखों हृदय एक साथ गुरु-स्मरण में लीन दिखाई दिए।