सतना

Diwali 2017: दोगुने दाम चुकाकर भी खा रहे सूजी-मैदा मिली मिठाई

त्योहार का सीजन, मुनाफे का खेल, विभागीय कार्रवाई नहीं होने से बढ़े हौसले

2 min read
Oct 13, 2017
diwali 2017 date and day news in hindi

सतना। आप जो मिठाई खा रहे हैं, हो सकता है वह मिलावटी हो। दरअसल, शहर के अधिकांश क्षेत्रों में इन दिनों त्योहार के लिए तैयार की जा रही मिठाई में मिलावट का खेल चल रहा है। खास बात यह है कि इस मिलावटी मिठाई के भी दोगुनेे दाम ग्राहकों से वसूले जा रहे हैं।

खोए की मिठाई के नाम पर आपको सूजी और मैदा मिलाकर बनाई गई मिठाई खिलाई जा रही है। इसका खुलासा पत्रिका की पड़ताल में हुआ। पत्रिका टीम ने कई क्षेत्रों की मिठाई की दुकानों और कारखानों में जब पड़ताल की इस गोरखधंधे मिलावट का खेल चलता दिखा।

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ये बन रही मिठाई
मावे की मिठाई के रूप में मिल्क केक, मलाई बर्फी, मिक्स मावा बर्फी आदि में सूजी का उपयोग किया जा रहा है। मिठाई बनाने के जानकार बताते हैं, देसी घी के बूंदी के लड्डू शुद्ध बनाए जाएं तो सवा चार किलो लड्डू की लागत 750 रुपए आएगी। वहीं, दुकानों पर एक किलो लड्डू 400 रुपए तक बिक रहे हैं, उसमें भी मिलावट की जा रही है।

विभाग ने लिए साबूदाना और बर्फी के सैम्पल
दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अभियान चला रखा है। मंगलवार को मिलावट के संदेह में उचेहरा में बर्फी, साबूदाना और मिठाई के सैंपल लिए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पहुंचते ही संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ ने दुकानों के शटर डाल दिए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सैंपल भरे

इस दौरान छह प्रतिष्ठानों से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सैंपल भरे। सभी सैंपल जांच के लिए राज्यस्तरीय लैब में भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट अगर अवमानक आती है तो कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि रिपोर्ट में आने में काफी विलंब होता है। ऐसे में कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होते रहते हैं।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
खोए के नाम पर सूजी से मिठाई बनाई जा रही है। जिला प्रशासन, राज्य एवं केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर शिकायत की गई। खाद्य विभाग तक को लिखा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ऐसे तैयार हो रही नकली मिठास
मिलावटी मिठाई के इस कारोबार के लिए बनने वाली मिठाई में सूजी को वनस्पति या पाम तेल में सेंककर उसमें शक्कर, स्किम्ड मिल्क पाउडर, अरारोट आदि मिलाकर तैयार किया जाता है। इसमें अलग-अलग तरह के एसेंस को मिलाकर मिठाई को मन माफिक रूप प्रदान किया जा रहा है। सिंधीकैंप क्षेत्र में मैदा से सोन पपड़ी बनाने का काम जोर-शोर से जारी है। मैदा और रंगोंं से तैयार की गई यह सोन पपड़ी 100 से 120 रुपए किलो बिक रही है।

हकीकत
- 150 छोटी-बड़ी दुकानें हैं शहर में मिठाई की।
- 02 हजार किलो मिठाई की बिक्री रोज होती है।

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Published on:
13 Oct 2017 04:57 pm
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