सतना

10 हजार में 12वीं पास! MP में फर्जी मार्कशीट का खेल, सतना में 50 से ज्यादा नकली मार्कशीट पकड़ाईं

Fake 10th-12th marksheet: मध्य प्रदेश के सतना में फर्जी मार्कशीट का बड़ा खेल सामने आया है। महज 10 हजार रुपए में 12वीं की नकली अंकसूची देकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया।
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Sep 08, 2026
fake 10th-12th marksheet mp board education department
Fake 10th-12th marksheet: सतना में 10 हजार में बन रहे 10वीं-12वीं की फर्जी मार्कशीट (फोटो सोर्स- Patrika)

MP Fake 10th-12th marksheet: शिक्षा माफिया चंद रुपयों के लालच में छात्रों का भविष्य चौपट कर रहा है। महज 10 से 20 हजार रुपए में 10वीं और 12वीं की फर्जी मार्कशीट बनाकर दी जा रही है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा हाल में उच्च शिक्षा विभाग के अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट दाखिलों के दौरान हुआ है। दस्तावेजों की पड़ताल और सत्यापन में अकेले सतना जिले में ही अब तक 50 से 60 फर्जी अंकसूचियां पकड़ी जा चुकी हैं।

फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने फर्जी मार्कशीट लाने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया है। जांच के लिए ये मार्कशीट संबंधित बोर्ड और यूनिवर्सिटी को भेजी जा रही है। जांच के बाद फर्जीवाड़े के मामलों की शिकायत पुलिस को की जाएगी। हालांकि कुछ प्राइवेट कॉलेज इन फर्जी मार्कशीट के आधार पर भी प्रवेश दे रहे हैं, जिससे इन छात्रों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि छात्रों को ऐसी फर्जी संस्थानों की डिग्रियों से बचना चाहिए।

पीड़ित का दर्द: मार्कशीट के लिए 10 हजार वसूले, बर्बाद कर दिया करियर

छात्र रोहित कुशवाहा ने बताया कि उसने बीएससी में दाखिले के लिए पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में आवेदन किया था, लेकिन सत्यापन टीम ने भारतीय हिंदी एवं संस्कृत शिक्षा परिषद की मार्कशीट को फर्जी घोषित कर एडमिशन रद्द कर दिया। रोहित का कहना है नौकरी के लिए 10वीं-12वीं की वैध मार्कशीट अनिवार्य है। फर्जी कागज से कौन नौकरी देगा। फिलहाल उसने एक प्राइवेट कॉलेज में प्रवेश ले लिया है, पर कोई मतलब नहीं है। भविष्य को लेकर डर सता रहा है।

दलाल ने ऐंठे 10 हजार

पीड़ित छात्र ने दलाल नेमाकरण कोल निवासी पैकोरी करसरा के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की बात कही है। आरोपी ने 12वीं की फर्जी मार्कशीट के एवज में 10 हजार रुपए वसूले थे। छात्र का कहना है कि वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई करवाएगा ताकि किसी और का करियर बर्बाद न हो।

एमपी बोर्ड की चुप्पी, प्रवेश प्रभारियों के भरोसे वेरिफिकेशन

इस वर्ष उच्च शिक्षा विभाग ने ई-प्रवेश प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार और मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) से मान्यता प्राप्त वैध बोर्ड की सूची मांगी थी। हैरानी की बात यह है कि एमपी बोर्ड की तरफ से प्रवेश अधिकारियों को कोई स्पष्ट जानकारी या सूची उपलब्ध ही नहीं कराई गई। नतीजा यह हुआ कि प्रवेश प्रभारियों को खुद ही एनआईओएस की लिस्ट और एनसीईआरटी के परख पोर्टल के जरिए छानबीन करनी पड़ रही है। पूरा सिस्टम प्रवेश प्रभारियों के भरोसे ही छोड़ दिया गया है।

इन 7 बोर्ड के छात्रों की मार्कशीट को माना गया फर्जी

  • अखिल भारतीय मुक्त विद्यालय
  • मुक्त विद्यालयी एवं कौशल शिक्षा बोर्ड
  • भारतीय विद्या भवनम मुंबई
  • ग्रामीण मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान
  • हिंदी साहित्य विद्यालयी शिक्षा संस्थान
  • भारतीय हिंदी एवं संस्कृत शिक्षा परिषद
  • उर्दू एजुकेशन बोर्ड

कार्रवाई की जाएगी

फर्जी मार्कशीट बांटने वाले गिरोह का मामला संज्ञान में आया है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो भी लोग शामिल होंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।-सलोनी शर्मा,जिला शिक्षा अधिकारी, सतना

Updated on:
08 Sept 2026 09:34 am
Published on:
08 Sept 2026 09:34 am