
MP Fake 10th-12th marksheet: शिक्षा माफिया चंद रुपयों के लालच में छात्रों का भविष्य चौपट कर रहा है। महज 10 से 20 हजार रुपए में 10वीं और 12वीं की फर्जी मार्कशीट बनाकर दी जा रही है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा हाल में उच्च शिक्षा विभाग के अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट दाखिलों के दौरान हुआ है। दस्तावेजों की पड़ताल और सत्यापन में अकेले सतना जिले में ही अब तक 50 से 60 फर्जी अंकसूचियां पकड़ी जा चुकी हैं।
फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने फर्जी मार्कशीट लाने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया है। जांच के लिए ये मार्कशीट संबंधित बोर्ड और यूनिवर्सिटी को भेजी जा रही है। जांच के बाद फर्जीवाड़े के मामलों की शिकायत पुलिस को की जाएगी। हालांकि कुछ प्राइवेट कॉलेज इन फर्जी मार्कशीट के आधार पर भी प्रवेश दे रहे हैं, जिससे इन छात्रों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि छात्रों को ऐसी फर्जी संस्थानों की डिग्रियों से बचना चाहिए।
छात्र रोहित कुशवाहा ने बताया कि उसने बीएससी में दाखिले के लिए पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में आवेदन किया था, लेकिन सत्यापन टीम ने भारतीय हिंदी एवं संस्कृत शिक्षा परिषद की मार्कशीट को फर्जी घोषित कर एडमिशन रद्द कर दिया। रोहित का कहना है नौकरी के लिए 10वीं-12वीं की वैध मार्कशीट अनिवार्य है। फर्जी कागज से कौन नौकरी देगा। फिलहाल उसने एक प्राइवेट कॉलेज में प्रवेश ले लिया है, पर कोई मतलब नहीं है। भविष्य को लेकर डर सता रहा है।
पीड़ित छात्र ने दलाल नेमाकरण कोल निवासी पैकोरी करसरा के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की बात कही है। आरोपी ने 12वीं की फर्जी मार्कशीट के एवज में 10 हजार रुपए वसूले थे। छात्र का कहना है कि वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई करवाएगा ताकि किसी और का करियर बर्बाद न हो।
इस वर्ष उच्च शिक्षा विभाग ने ई-प्रवेश प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार और मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) से मान्यता प्राप्त वैध बोर्ड की सूची मांगी थी। हैरानी की बात यह है कि एमपी बोर्ड की तरफ से प्रवेश अधिकारियों को कोई स्पष्ट जानकारी या सूची उपलब्ध ही नहीं कराई गई। नतीजा यह हुआ कि प्रवेश प्रभारियों को खुद ही एनआईओएस की लिस्ट और एनसीईआरटी के परख पोर्टल के जरिए छानबीन करनी पड़ रही है। पूरा सिस्टम प्रवेश प्रभारियों के भरोसे ही छोड़ दिया गया है।
फर्जी मार्कशीट बांटने वाले गिरोह का मामला संज्ञान में आया है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो भी लोग शामिल होंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।-सलोनी शर्मा,जिला शिक्षा अधिकारी, सतना