सतना

MP-UP सीमा से लगे गांव में मादा तेंदुए की मौत, जानिए क्या कह रहा वन विभाग

तीन तेंदुए थे जंगल में, तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम, रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा मौत का सही कारण

2 min read
Jan 28, 2018
Female leopard death in MP-UP border

सतना। मानिकपुर रेंज के चूल्ही बीट में मादा तेंदुआ का शव मिलने से अफरा तफरी मच गई। पाठा के जंगल में छह माह के भीतर विभिन्न जनपद में पकड़े गए तीन तेंदुए छोड़े गए थे। माना जाता है कि मृत तेंदुआ उन्हीं में से एक है। स्थानीय स्तर पर चर्चा रही कि तेंदुए को जहर देकर मारा गया।

वहीं वन विभाग का कहना है कि तेंदुआ काफी समय से बीमार था उसके फेफड़े खराब हो गए थे। तेंदुआ का तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है और रिपोर्ट आने की बाद भी मौत का सही कारण सामने आएगा।

ये भी पढ़ें

देशप्रेम का ऐसा जज्बा, पिता और चाचा हो गए शहीद, फिर भी बेटा जंग के मैदान में

खेत में तेंदुआ मृत पड़ा मिला

उल्लेखनीय है कि पाठा के रानीपुर वन्य जीव विहार जंगल में विगत छह माह में जौनपुर, बांदा और लखनऊ से लाकर तीन तेंदुए छोड़े गए, जिसमें दो मादा और एक नर था। बुधवार शाम वन विभाग को सूचना मिली कि मानिकपुर वन रेंज के चूल्ही जंगल से करीब एक किलोमीटर दूर खंभापुरवा गांव के खेत में तेंदुआ मृत पड़ा है।

मुंह को कीड़ों ने खा लिया था

मानिकपुर वन क्षेत्राधिकारी बीएम शुक्ला टीम के साथ मौके पर गए तो देखा कि मृत तेंदुआ के मुंह को कीड़ों ने खा लिया था। इससे प्रतीत हो रहा था कि दो तीन दिन पहले वह मरा था। उसके शव को कब्जे में लेकर वन विभाग की टीम अपने प्रभागीय कार्यालय में लाई। गुरुवार को पशुपालन विभाग के डिप्टी सीबीओ डॉ. एचएस बबेले, डॉ. डीएस यादव और डॉ. कुलदीप की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया।

मटदर जंगल में जलाया शव
वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आरके त्रिपाठी ने कहा कि मृत तेंदुआ का पोस्टमार्टम कराकर हवाई पट्टी के पास मटदर जंगल में जला दिया गया है। जो जहर देकर मारने की बात कही जा रही है निराधार है। प्रथम दृष्टया सामने आया है कि तेंदुआ की मौत बीमारी के कारण हुई है उसके फेफड़े खराब हो गए थे। वह पूरी तरह से व्यस्क मादा तेंदुआ था। वैसे तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया है।

कुछ दिन पहले एक लकड़बग्घा घायल

मौत का वास्तविक कारण रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगा। यदि ऐसा कुछ आता है तो फिर जांच कराई जाएगी। बता दें कि इसी जंगल से सटे गढ़चपा बीट में अभी कुछ दिन पहले एक लकड़बग्घा घायल अवस्था में मिला था। जिसको इलाज के बाद जंगल में छोड़ा गया था। वैसे बताते है कि जब से हिंसक जीव जंगल में आ गए है तो तमाम वन विभाग के काम प्रभावित है।

ये भी पढ़ें

अमरनाथ यात्रा: दहशत पर आस्था भारी, कीर्तन और नाच-गाकर शिव भक्ति में लीन हैं भक्त

Published on:
28 Jan 2018 11:42 am
Also Read
View All

अगली खबर