बिरसिंहपुर का मामला: अस्पताल में भर्ती, जिले में मजदूरी के नाम पर श्रमिकों को अन्य प्रांत ले जाकर उनसे ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल में ही दो मामले ऐसे सामने आए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठे हुए हैं।
सतना/ जिले में मजदूरी के नाम पर श्रमिकों को अन्य प्रांत ले जाकर उनसे ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल में ही दो मामले ऐसे सामने आए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। बुधवार को एक मामला सामने आया, जिसमें बिरसिंहपुर क्षेत्र के भोले भाले आदिवासियों को नौकरी का झांसा देकर ठेकेदार उन्हें मुंबई ले गया। यहां एक कारखाने में काम कराया।
जब मजदूरी की बारी आई तो उनके साथ मारपीट की जाने लगी। इससे परेशान मजदूरी किसी तरह से जान बचाकर बुधवार को सतना पहुंचे। भूखे पेट किसी तरह से बचते बचाते अपने गांव पहुंचे दो मजदूरों की तबियत काफी खराब हो गई है। जिन्हें बिरसिंहपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक जिम्मेदार विभाग से कोई अधिकारी इनसे मिलने नहीं पहुंचा है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, बिरसिंहपुर क्षेत्र के सेलहा और बिजहरी गांव के 12 आदिवासी मजदूरों को मेहुती निवासी ठेकेदार विनोद पंडित अपने साथ काम दिलाने के नाम पर मुम्बई लेकर गया था। वहां काम न दिलाकर वापी के आगे दमन में एक दवा कारखाने में काम दिलवाया। यहां मजदूरों ने 17 सितंबर से काम किया। इस बीच मजदूरों की तबीयत खराब होने पर भी उनसे जबरिया काम लिया जाता रहा। यहां से खाली हाथ गए मजदूरों ने अपने जरूरतों के लिए जब पैसे की मांग की तो मजदूरी न देकर मारपीट की जाने लगी। इस पर किसी तरह मौका देखकर एक ही परिवार के 7 मजदूर वहां से भाग निकले। इनके पास पैसे भी नहीं थी।
दो अस्पताल में भर्ती
किसी तरह मुंबई से ट्रेन से छिपते छिपाते ये लोग सतना पहुंचे। भूखे पेट यहां तक की यात्रा करने के दौरान दो मजदूरों की तबीयत बिगड़ गई और एक बच्चे की भी हालत खराब हो गई। इनमें से संजय आदिवासी पिता सुग्रीव (28), बेबी आदिवासी पति संजय आदिवासी दोनों निवासी बिजहरी को बिरसिंहपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनके एक साल के बच्चे की भी तबियत खराब है उसका भी इलाज किया जा रहा है।
ये गए थे मुम्बई
लल्ली कोल पिता मुलुआ कोल, छोटू कोल पिता मुलुआ कोल, भैया कोल पिता मुलुआ कोल, शुभम कोल पिता रामनरेश, रत्नी कोल पति लल्ली कोल, संजय पिता सुग्रीव और बेबी पति संजय मुंबई गए थे। जो लौट कर वापस आ गए हैं। इन्होंने बताया कि तीन दिन से इन्हें खाना पीना नहीं मिली है और खाली पेट किसी तरह से भाग कर आए हैं।