गाजे-बाजे और रंग-गुलाल के साथ हुई गजानन की विदाई
सतना. खुशनुमा मौसम, आसमान पर चारों तरफ सतरंगी अबीर गुलाल का उडऩा और हर तरफ से ढोल-नगाड़ों की आवाज... रविवार को कुछ ऐसा ही दिखाई और सुनाई दे रहा था। पूरा शहर बप्पा को विदाई देने में तल्लीन रहा। सुबह से देररात तक लोग परिवार के साथ सतना नदी और माधवगढ़ स्थित नदी में बप्पा को विसर्जित करने पहुंचते रहे। सभी ने बप्पा की पूजा अर्चना कर गणपति बप्पा मोरया का नारे लगाते हुए, अगले बरस तू जल्दी आना की कामना कर गजानन की धूमधाम से विदाई की। कहीं पर उनको खुशी-खुशी विदाई दी गई तो कुछ लोगों की आंखें भी नम हुईं। बप्पा की विदाई में कोई कसर न रह जाए इसके लिए लोगों ने पहले से ही खास इंतजाम कर रखा था। गजानन के गीतों पर जमकर ठुमका लगाया। घर से लेकर विसर्जन स्थल तक लोगों के कदम न रुके न थमे। बच्चे तो बच्चे, युवा और महिलाएं भी झूमतीं नजर आईं। लोगों ने रंग अबीर, गुलाल के साथ गणपति बप्पा को विदाई की। पूरा आसमान सतरंगी रंग से रंगा नजर आया।
सेल्फी और फोटोशूट भी
बप्पा को विदा करने से पहले लोगों ने जमकर सेल्फी और फोटोशूट कराई। स्मार्टफोन का बेहतरीन ढंग से लोगों ने इस्तेमाल किया। एक तरफ बच्चे, तो दूसरी तरफ युवा हर कोई बप्पा के साथ सेल्फी क्लिक की। लड़कियां और महिलाएं भी पीछे नहीं दिखीं। दिनभर लोगों ने सोशल मीडिया को अपनी तस्वीरों को आपस में शेयर किया। फेसबुक प्रोफाइल और वाट्सएप डीपी पर बप्पा छाए रहे।
भंडारे के बाद विसर्जन
एकेएस विवि में रिद्धि-सिद्वि के दाता भगवान गणेशजी की विधिवत पूजा अर्चना की गई। चेयरमैन अनंत कुमार सोनी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेशजी की आराधना की। विवि में गणेश विसर्जन के पूर्व भंडारे का आयोजन किया गया। कुलाधिपति बीपी सोनी ने कार्यक्रम में आए सभी उपस्थितजनों का आभार माना।
उल्लास से हुआ बप्पा का विसर्जन
जिलेभर में अनंत चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। गणेश चतुर्दशी पर विराजे गए बप्पा को ढोल नगाड़ों के साथ प्रमुख नदियों-कुंड में विसर्जित किया गया। विसर्जन से पहले गणेश प्रतिमाओं का जुलूस निकाला गया। नाचते-गाते श्रद्धालु नदी पहुंचे तथा पूजा अर्चना के बाद गणेशजी की मूर्ति का विसर्जन किया। सिंधी कैम्प, धवारी, राजेंद्र नगर, प्रेम नगर, सब्जी मंडी, रेलवे कॉलोनी, बिरला कॉलोनी समेत अन्य मूर्तियां जुलूस में शामिल हुईं। प्रतिमाएं माधवगढ़ नदी, पन्ना रोड स्थित सोहावल नदी एवं सतना नदी में विसर्जित की गईं। शहर के फूलचंद्र चौक, कंवरराम मार्केट, बिहारी मंदिर के पास, सिंधी कैम्प सहित अन्य इलाकों में भंडारे का आयोजन किया गया। दुर्घटना को देखते हुए पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही।