रामपुर बाघेलान थाने के लामीकरही गांव में आधा घंटे मचाया उत्पात
रीवा। कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए दर्जनभर से ज्यादा बेखौफ गुंडों ने शनिवार की सुबह जमकर तांडव मचाया। बारात से लौट रहे परिवार के लोगों को बस से खींचकर जमकर पीटा। पीडि़त जान बचाने इधर-उधर भागने लगे, लेकिन बदमाशों ने दौड़ा-दौड़ाकर ताबड़तोड़ डंडे-पत्थर बरसाए।
महिलाओं से मारपीट कर जेवर भी छीन लिए। इस दौरान सड़क से गुजर रहे लोग भी विरोध करने का साहस नहीं जुटा पाए। दशहतभरी यह घटना रामपुर बघेलान थाने के लामीकरही गांव में हुई।
ये भी पढ़ें
महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की
रामपुर बाघेलान के नेमुआ निवासी कमलेश्वर पांडेय की बेटी की शादी में शामिल होने रीवा से अलग-अलग गांव के लोग शुक्रवार रात रामपुर बाघेलान गए थे। रात में शादी समारोह के दौरान युवक महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की करने लगे थे। इसे लेकर रीवा से पहुंचे लोगों की उनसे कहासुनी हो गई थी।
बस को ओवरटेक कर रोक लिया
शनिवार सुबह दर्जनभर लोग रामपुर बाघेलान से रीवा के लिए बस में सवार हुए। बस जैसे ही लामीकरही गांव के समीप पहुंची, तभी एक जीप और दो बाइक पर सवार होकर दर्जनभर से ज्यादा युवक डंडा और रॉड लेकर पहुंचे। उन्होंने बस को ओवरटेक कर रोक लिया।
दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
फिल्मी स्टाइल में बदमाशों ने बस में सवार लोगों को एक-एक कर नीचे खींचा और दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इससे दहशत मच गई। बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा। हार और चेन भी लूट ली। करीब आधे घंटे तक बदमाश बेखौफ होकर तांडव मचाते रहे। दहशत के कारण सड़क से गुजर रहे लोग सहमे रहे।
डायल 100 से लगाई गुहार, नहीं मिली मदद
बताया गया, शुक्रवार रात शादी में भोजन के दौरान महिलाओं से धक्का-मुक्की करने पर पीडि़तों की कहासुनी हो गई थी। इस विवाद का बदला लेने के लिए शनिवार सुबह से ही आरोपी विवाह घर के आसपास एकत्र होने लगे थे। आरोपियों के नापाक इरादों को भांपकर पीडि़तों ने डायल 100 को फोन किया। पुलिस से सुरक्षित रीवा तक पहुंचाने की मांग की लेकिन कोई नहीं मदद नहीं की। यदि पीडि़तों को पुलिस मदद मिल जाती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं हो पाती।
वारदात में दर्जनभर लोग हुए घायल
मारपीट में पीडि़त परिवार के करीब दर्जनभर लोग घायल हुए है। इनमें अमन शुक्ला निवासी मगुरहाई, आशीष गौतम मझियार, आलोक गौतम, सुधा गौतम मझियार, रामबिहारी शुक्ला, मधु मिश्रा गुढ़, अरुण त्रिपाठी सहित अन्य लोग शामिल रहे। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों में गोलू पयासी, सोनू त्रिपाठी, मुक्कू त्रिपाठी, जीतू त्रिपाठी, अनी द्विवेदी सहित अन्य शामिल रहे।
हाईकोर्ट का आदेश भी नहीं बदल पाया कार्यप्रणाली
पुलिस की कार्यप्रणाली को हाईकोर्ट की टिप्पणी भी नहीं बदल पाई। हाईकोर्ट ने भोपाल गैंगरेप के बाद पुलिस को शून्य में कायमी करने की आदत डालने की नसीहत दी थी। इसके बाद भी पुलिस की कार्यप्रणाली पुराने ढर्रे पर चल रही है। सिविल लाइन पुलिस ने न तो उनका मेडिकल कराया और न ही शून्य पर मामला दर्ज किया। ऐसे में यदि गुंडे-बदमाशों के हौंसले बढ़ते हैं तो उसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है।
सिविल लाइन थाने में भी घंटेभर बैठे रहे पीडि़त
सतना पुलिस की उपेक्षा झेल कर आए इस परिवार की रीवा पुलिस ने भी कोई मदद नहीं की। पीडि़त शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो सिविल लाइन पुलिस रामपुर बाघेलान थाने की घटना बताकर टालमटोल करती रही। पूरा परिवार घंटेभर सिविल लाइन थाने में बैठा रहा, लेकिन कोई समस्या सुनने वाला नहीं था। काफी देर के बाद पुलिस ने आवेदन लेकर चलता कर दिया।
कुछ लोग थाने आए थे जो मारपीट व लूट की शिकायत कर रहे थे। घटना रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र की है। शिकायती पत्र लेकर जांच के लिए संबंधित थाने को भेजा जाएगा।
अरुण सोनी, थाना प्रभारी सिविल लाइन, रीवा