सतना

केले में आई थी आरी, तीन दोस्तों की मदद से जंजीर काटकर फरार हुआ था कैदी

एसपी ने की पूछताछ: जेल अधिकारी पर लगाए आरोप, अदालत में पेश कर भेजा जेल

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Oct 04, 2018
guna police arrested in satna prisoner

सतना। जिला अस्पताल से हथकड़ी की जंजीर काटकर फरार हुआ कैदी अजय मिश्रा बुधवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके पहले कैदी को एसपी संतोष सिंह गौर के सामने टीआइ कोतवाली विद्याधर पाण्डेय ने पेश किया। पूछताछ में कैदी ने बताया कि वह जेल अधिकारी से परेशान होकर भागना चाहता था। अस्पताल से भागने में उसके तीन दोस्तों ने मदद की थी। केले में छिपाकर उसके पास आरी ब्लेड भेजी गई थी। अस्पताल से हथकड़ी छिपाने हाथ में गमछा बांधा था। रेलवे स्टेशन से इलाहाबाद जाने वाली ट्रेन में सवार हो गया था।

अजय का कहना है कि उसने हथकड़ी नदी में फेंक दी है। कुछ दिन इलाहाबाद में रुकने के बाद वह गुना चला गया था। आरोपी का यह भी कहना है कि अखंड ने उसे खर्च के लिए पांच हजार रुपए दिए थे। आरोपी अजय के बयान दर्ज होने के बाद उसकी मदद करने वालों की तलाश पुलिस ने तेज कर दी है। तीनों में एक आरोपी गैंगरेप के मामले में जेल में है।

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गुना से पकड़ा गया
गौरतलब है, हत्या के प्रयास के प्रकरण में केंद्रीय जेल सतना में सजा काट रहे कैदी अजय मिश्रा (28) पुत्र गोविंद मिश्रा निवासी सिविल लाइन को तबीयत खराब होने पर जेल प्रबंधन ने 11 अगस्त को भर्ती कराया था। जिला अस्पताल के प्रथम तल पर मौजूद ऑइसोलेशन वार्ड 10 के बेड नं. 22 पर कैदी अजय को पेट दर्द व अन्य समस्याओं के चलते रखा गया था। वहां से वह 22 अगस्त के तड़के 3 से 4 बजे के बीच लोहे की आरी से हथकड़ी की जंजीर काटकर फरार हो गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर ने कैदी की निगरानी ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक सर्वेश रावत, आरक्षक प्रशांत परौहा, सुदीप मिश्रा और देवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया था। साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।

साथियों ने दिया षडयंत्र में साथ
पुलिस का कहना है कि आरोपी के बताने के बाद आपराधिक षडयंत्र रचने में अखंड सिंह, दादू सिंह ठेकेदार और कथित मीडियाकर्मी दीपक तिवारी को भी आरोपी बनाया जाएगा। इनमें अखंड सिंह को हाल ही में सिविल लाइन थाना पुलिस लूट, युवती का अपहरण और गैंगरेप के मामले में जेल भेज चुकी है। इसी प्रकरण में दादू सिंह भी आरोपी है।

निलंबित आरक्षकों को मिला सुराग
निलंबित आरक्षकों को ही फरार कैदी के बारे में सुराग मिला था। इसके बाद अजय को गुना जिले में दबिश देते हुए पकड़ा गया। अजय ने पुलिस के सामने मीडिया को बताया कि जेल में नए अधिकारी के आने के बाद से वह परेशान रहने लगा था।

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Published on:
04 Oct 2018 11:52 am
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