MP News: अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, खून की कमी और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना है।
MP News: एमपी के सतना जिले में बच्चों में बढ़ रही एनीमिया और कुपोषण की समस्या को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग दस्तक अभियान का दूसरा चरण 17 फरवरी से शुरू करेगा। सतना-मैहर में इस चरण में लगभग 2.80 लाख एनीमिक बच्चों की खून जांच की जाएगी। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग का मैदानी अमला आंगनवाड़ी केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों की हीमोग्लोबिन जांच करेगा तथा विटामिन-ए की कमी को दूर करने के लिए दवाइयां भी वितरित करेगा। दस्तक अभियान 19 मार्च तक चलेगा।
गौरतलब है कि दस्तक अभियान के पहले चरण में 25 जून से 31 अगस्त 2025 तक व्यापक स्तर पर स्क्रीङ्क्षनग की गई थी। सतना और मैहर जिले के सभी विकासखंडों में कुल 2.42 लाख बच्चों की जांच के दौरान 2029 कुपोषित बच्चे चिन्हित किए गए थे। वहीं लगभग पौने दो लाख बच्चों में खून की कमी पाई गई थी, जिनमें 96 हजार बच्चे अन्य एनीमिक, 49 हजार माइल्ड एनीमिया तथा 44 हजार बच्चों को मॉडरेट एनीमिया श्रेणी में दर्ज कर पोर्टल में जानकारी अपडेट की गई थी।
अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, खून की कमी और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना है। इस दौरान 9 माह से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके। साथ ही पहले चरण में चिन्हित एनीमिक बच्चों की डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर के माध्यम से फॉलोअप जांच कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।