जीआरपी ने बरामद किया 12 किलो गांजा, रायपुर से प्रतापगढ़ तक खेप ले जाता था आरोपी
सतना. मध्य प्रदेश के रास्ते उत्तर प्रदेश में गांजा का कारोबार जोरों पर है। गांजा की सप्लाई के लिए तस्कर ट्रेन का सफर तय कर रहे हैं। एेसे ही एक तस्कर को राजकीय रेल पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। जिसके कब्जे से 12 किलो गांजा बरामद हुआ। इसके कुछ दिन पहले ही दो अगस्त को भी आरपीएफ और जीआरपी संयुक्त कार्रवाई करते हुए उप्र के एक तस्कर को पकड़ चुकी है। जिसके पास 11 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद हुआ था।
जीआरपी के अनुसार, दरभंगा-पुणे के बीच चलने वाली यात्री ट्रेन में गांजा तस्कर के आने की सूचना मिली थी। चौकी प्रभारी संतोष तिवारी ने एसपी रेल सुनील कुमार जैन को सूचना दी। इसके बाद मय चौकी प्रभारी समेत एएसआइ केएल पाण्डेय, प्रधन आरक्षक संजय मांझी, आरक्षक दयाचंद तिवारी, गणेश तिवारी, मनीष पाण्डेय, गौरव सिंह, मणि प्रसाद मिश्रा, की टीम बनाई गई। इस टीम ने ट्रेन आते ही नजर रखना शुरू किया। लाल बैंग में गांजाजीआरपी ने ट्रेन के जनरल कोच से पीछे की ओर उतरे एक लड़के पर नजर की तो देखा कि उसने लाल रंग का बैग लिया है। इसकी हरकत संदिग्ध दिखने पर पकड़ कर जांच की गई। जांच में बैग के अंदर से पैकेट बंद 12 किलो गांजा बरामद हुआ। एेसे में आरोपी मो. नदीम पुत्र मो. कलीम (19) निवासी पतुलकी सोनापुर थाना अंतू जिला प्रतापगढ़ उप्र के खिलाफ 8/20ख एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण कायम कर कार्रवाई की गई। आरोपी को रविवार को अदालत में पेश कर दिया गया।
हर खेप में हजारों की कमाई
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बीते छह महीने से गांजा सप्लाई का काम कर रहा है। वह खुद के लिए और इलाके में बेचने वालों के लिए भी गांजा रायपुर से प्रतापगढ़ लेकर जाता है। आरोपी ने बताया कि प्रति किलो उसे 2 हजार रुपए कमीशन मिलता है। आरोपी से पूछताछ के बाद अब इसके साथियों का पुलिस पता लगा रही है।
पहले इसे पकड़ा था
सतना रेलवे स्टेशन में ही 2 अगस्त को आरोपी रामकरण प्रजापति पुत्र देवराज प्रजापति (24) निवासी चिल्ली राकस थाना राजापुर जिला चित्रकूट उप्र को ट्रेन से उतरते ही पकड़ा गया था। इसके कब्जे से 11 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद किया गया था। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई के बाद आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि राजापुर उप्र में भांग का ठेका चलाने वाला ही इलाके में गांजा का कारोबार भी करता है। दबिश देने के बाद भी वह जीआरपी की पकड़ में नहीं आ सका।