सतना

यहां कलेक्टर से ज्यादा खनिज अधिकारी की तनख्वाह

आम धारणा है कि सबसे ज्यादा वेतन IAS की होती है। लेकिन कई बार वेतन का निर्धारण केवल पद से नहीं, बल्कि सेवा अवधि और वेतनमान से भी होता है। हालांकि जिम्मेदारियों और अधिकारों के स्तर पर IAS की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण होती है।

4 min read
Apr 17, 2026

सतना। आम धारणा है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अफसरों का वेतन सबसे ज्यादा होता है। सामान्य तौर पर ऐसा होता भी है, लेकिन व्यवहारिक स्थिति कई बार इससे अलग नजर आती है। सतना कलेक्टर कार्यालय में इन दिनों ऐसा ही एक रोचक मामला सामने आया है। कलेक्टर डीडीओ से बनने वाले वेतन बिल को अगर देखेंगे तो पाएंगे कि सतना कलेक्टर से ज्यादा तनख्वाह जिला खनिज अधिकारी की है। इतना ही नहीं एक लिपिकीय स्टाफ जो अब रिटायरमेंट के काफी करीब हैं, उनका वेतन इतना पहुंच गया है कि नए आईएएस के वेतन से ज्यादा है।

ये है कलेक्टर और उनके मातहतों का वेतन

कलेक्टर शाखा में बनने वाले बिल के अनुसार सतना कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस का कुल वेतन 2,06,348 लाख रुपए हैं। जबकि जिला खनिज अधिकारी एचके सिंह का कुल वेतन 2,28,320 रुपए है। सतना जिले के अन्य आईएएस अफसरों की वेतन अगर देखें तो मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह का कुल वेतन 94,010 रुपए, नागौद एसडीएम अनिकेत शांडिल्य का कुल वेतन 91,324 रुपए है। इधर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों का वेतन अगर देखें तो अपर कलेक्टर विकास सिंह का कुल वेतन 1,35,315 रुपए, डिप्टी कलेक्टर एलआर जांगड़े का 1,06,950 रुपए, आरएन खरे का 1,00,750 रुपए, जीतेन्द्र वर्मा 1,00,130, राहुल सिलाडिया 86,955 रुपए, सुमेश द्विवेदी 86,955 रुपए, सुभाष मिश्रा 88,705 रुपए, संदीप परस्ते को 89,760 रुपए मासिक कुल वेतन मिल रहा है। कलेक्टर डीडीओ के अन्य वेतन बिल को देखें तो अपर कलेक्टर के स्टेनोटायपिस्ट अनिल त्रिपाठी का वेतन 1,02,385 रुपए है। वहीं कलेक्टर कार्यालय के ओएस विनोद चतुर्वेदी का कुल मासिक वेतन 93,120 रुपए है। इसी तरह एसडीएम कोर्ट नागौद एक सहायक वर्ग दो लिपिक का वेतन 89,120 रुपए है जो कुछ डिप्टी कलेक्टरों के वेतन से ज्यादा है। इसी तरह से खनि निरीक्षकों का वेतन देखें तो आशुतोष मिश्रा का 71,145 और सतीश मिश्रा का 86,955 रुपए है।

जिले में सबसे ज्यादा वेतन इनका

सतना जिले में शासकीय सेवकों के वेतन को देखें तो सबसे ज्यादा तनख्वाह उच्च शिक्षा विभाग में पदस्थ प्रोफसर्स और प्राचार्यों की है। प्रोफेसर डॉ शिवेश प्रताप सिंह का कुल मासिक वेतन 3,49,120 रुपए है। इनके वेतन से कुछ हजार के अंतर में डॉ आरएस गुप्ता, डॉ केएल मौर्य, डॉ राजेन्द्र त्रिपाठी, डॉ पीपी चमडिया, डॉ रश्मि सिंह, डॉ बृजेश सिंह शामिल है। ये सभी अपने अधिकतम मूल वेतन पर 6 साल पहले पहुंच गए हैं। लिहाजा अब इनकी तनख्वाह में सिर्फ डीए बढ़ता है।

कोई चौंकाने वाली बात नहीं

जिले के सबसे बड़े अफसर से ज्यादा उनके मातहत अधिकारी को वेतन मिलने वाली स्थिति सामान्य वेतन संरचना और सेवा नियमों को समझे बिना चौंकाने वाली लग सकती है, लेकिन इसके पीछे स्पष्ट कारण हैं। दरअसल, आईएएस अधिकारियों का वेतन केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के अनुसार तय होता है। एक नए आईएएस अधिकारी (जूनियर टाइम स्केल) का प्रारंभिक वेतन लेवल-10 के तहत लगभग 56,100 रुपये मूल वेतन से शुरू होता है, जिसमें महंगाई भत्ता (डीए) और अन्य भत्ते जुड़ते हैं। सेवा के वर्षों, प्रमोशन और जिम्मेदारियों के साथ उनका वेतन क्रमशः बढ़ता जाता है। वहीं, राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) के अधिकारी और लिपिकीय कर्मचारी राज्य सरकार के वेतन ढांचे के तहत काम करते हैं। इनकी वेतन वृद्धि मुख्यतः वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट), टाइम स्केल प्रमोशन और लंबी सेवा अवधि पर आधारित होती है। यदि कोई कर्मचारी 25-30 वर्षों तक लगातार सेवा करता है, तो उसका मूल वेतन और भत्ते मिलाकर कुल वेतन काफी बढ़ जाता है। यही कारण है कि सतना में जिला खनिज अधिकारी जो लंबे समय से सेवा में हैं, उनका वेतन आईएएस कलेक्टर से अधिक हो गया है। इसी तरह, वरिष्ठ लिपिकीय कर्मचारी, जिनकी सेवा अवधि लंबी है और कई बार पदोन्नति व वेतनमान संशोधन का लाभ मिल चुका है, वे भी नए आईएएस अधिकारी से ज्यादा वेतन पा रहे हैं।

रैंक वाइज आईएएस की सेलरी

रैंकव पोजीशन - पे लेबल - बेसिक पे - अनुभव

जूनियर टाइम स्केल (सहायक कलेक्टर / एसडीएम) - लेबल 10 - 56100 रुपए - 0 से 4 साल

सीनियर टाइम स्केल (डिप्टी कलेक्टर / एडीएम) - लेबल 11 - 67700 रुपए - 5 से 8 साल

कनिष्ठ प्रशासनिक श्रेणी (डीएम / कलेक्टर) - लेबल 12 - 78,800 रुपए - 9 से 12 साल

सलेक्शन ग्रेड (उप सचिव भारत सरकार / निदेशक राज्य) - लेबल 13 - 1,18,500 - 12-16 वर्ष

सुपर टाइम स्केल (आयुक्त / संयुक्त सचिव केंद्र) - लेबल 14 - 1,44,200 रुपए - 16 से 25 साल

सुपर टाइम स्केल से ऊपर (पीएस / अतिरिक्त सचिव केंद्र) - लेबल 15 - 1,82,200 रुपए- 25 से 30 वर्ष

उच्च प्रशासनिक श्रेणी (अतिरिक्त मुख्य सचिव राज्य) - लेबल16 - 2,05,400 - 30 से 33 वर्ष

अपेक्स स्केल (मुख्य सचिव राज्य / सचिव केंद्रीय मंत्रालय - लेबल 17 - 2,25,000 (फिक्स) - 34 से 36 वर्ष

कैबिनेट सचिव ग्रेड भारत के कैबिनेट सचिव (सर्वोच्च पद) - लेबल18 - 2,50,000 (फिक्स) - 37 +

" वेतन का निर्धारण केवल पद से नहीं, बल्कि सेवा अवधि, अनुभव और वेतनमान में हुई प्रगति से भी होता है। हालांकि, जिम्मेदारियों और अधिकारों के स्तर पर आईएएस अधिकारियों की स्थिति कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है। कलेक्टर जैसे पद पर प्रशासनिक नियंत्रण, निर्णय लेने की शक्ति और जवाबदेही का दायरा कहीं व्यापक होता है, जो वेतन से कहीं अधिक अहम माना जाता है।" - नरेश पाल, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी

Updated on:
17 Apr 2026 10:17 am
Published on:
17 Apr 2026 10:08 am
Also Read
View All