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मैंने डायरी में हर अधिकारी का एक पन्ना खोल लिया हैः बिदिशा

मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने अधिकारियों से कहा कि डायरी में उनके नाम का पन्ना खुल गया है। जो काम दिया जाएगा उसमें लिखा जाएगा। अच्छा करने वाले को प्रशस्ति पत्र और बाकी पर कार्यवाही होगी।

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मैहर। जिले की नवागत कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने अपनी पहली टीएल बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों के कार्यों की गहन समीक्षा की। ईई आरईएस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए शो-कॉज नोटिस जारी करने के साथ ही विभाग प्रमुख को लिखने के निर्देश दिए। सीएमएचओ, डीपीओ के प्रजेन्टेशन में आंकड़े सही नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मैने डायरी में हर अधिकारी का एक पन्ना खोल लिया है। जिसे जो काम दिया जाएगा वह लिखा जाएगा। यह मत सोचना की काम बोला और भूल गई। इसका लगातार फॉलोअप किया जाएगा। जो समय पर दिए गए काम करेंगे उन्हें प्रशस्ति-पत्र के साथ बेस्ट परफार्मर माना जाएगा। जो सही काम नहीं करेंगे उन पर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान अपर कलेक्टर संजना जैन, जिपं सीईओ शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

अभियान के बाद भी एनीमिया से महिलाओं की मौत

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान पाया कि जो आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं वे काफी मिसमैच कर रहे हैं और योजनाओं की प्रगति भी सही नहीं है। मेटर्निटी डेथ में पाया कि एनीमिया की वजह से भी मौत हो रही है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह कैसे हो रहा है। एनीमिया को लेकर तो विशेष अभियान चल रहा है। एंटीनेटल केस भी काफी कम दर्ज पाए गए। सीएमएचओ को कहा कि अगली बार सही जानकारी के साथ आएं। एनआरसी की बेड ऑक्यूपेंसी 73 फीसदी मिलने पर कहा कि मैदानी अमला क्या कर रहा है। उनका तो जिम्मा है कि कुपोषित बच्चों की पहचान करके यहां भर्ती कराएं और उसके बाद उनका फॉलोअप लें। इस मामले में महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी पर भी नाराजगी जाहिर कीं।

मेरे को सिखाने की कोशिश मत करो

मनरेगा के निर्माण कार्यों सहित जल गंगा संवर्धन के लिए गए काम पूरे नहीं होने पर जनपद सीईओ से सवाल किया। सीईओ बचाव में उल्टे सीधे जवाब देने लगे। यह सुन कलेक्टर ने कहा कि मुझे सिखाने की कोशिश मत करो। हम ये सब देख चुके हैं। आप लोगों को जो निर्देश दिए जाएं वो करें। आरईएस की समीक्षा में पाया कि 2016-17 की स्वीकृत 25 आंगनबाड़ी अभी पूरी नहीं हो सकी है। जबकि अन्य जिलों में ये पूरी होकर फंक्शनल हो चुकी है। इस पर महिला बाल विकास अधिकारी ने कहा कि ईई आरईएस ने लागत बढ़ने के कारण पुनरीक्षित स्टीमेट और टीएस नहीं दिया इस कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा है। पूछे जाने पर ईई सही जवाब नहीं दे सके। इस पर इन्हें नोटिस जारी करने कहा।

पटवारियों को निलंबित करो

राजस्व की समीक्षा में पाया कि बंटवारा की प्रगति 11 फीसदी, सीमांकन 5 फीसदी और नामांतरण 13 फीसदी है। कलेक्टर ने कहा कि इसका मतलब 86 फीसदी जनता परेशान है और इसकी वजह पटवारी है। इसके बाद गिरदावरी सत्यापन में भी गड़बड़ी पाई। कहा, यह नौबत इसलिए आई क्योंकि पहली बार सत्यापन सही नहीं हुआ। घर बैठकर सत्यापन कर लिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिनके सत्यापन में काफी गड़बड़ी है ऐसे दो-चार पटवारी निलंबित करो। अभी तक आप लोगों ने कार्यवाही क्यों नहीं की?

डीएसओ को शो-कॉज

कलेक्टर ने खाद्य विभाग की समीक्षा में कहा कि अभी तक खाद्यान्न वितरण शत प्रतिशत हो जाना था। की राशन दुकानें अक्रियाशील दिख रही हैं। इनमें एक भी वितरण नहीं है। यह स्थिति तब है जब सुधार के निर्देश दिए गए हैं। इस पर डीएसओ को शो-कॉज जारी करने के निर्देश दिए। सभी अधिकारियों से कहा कि टीएल में स्वयं बैठक में उपस्थित रहेंगे। यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य से उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं तो मुझसे चर्चा करेंगे। साथ ही जो अधीनस्थ अधिकारी टीएल में भेजेंगे उन्हें पूरी जानकारी के साथ भेजेंगे। सीएम हेल्पलाइन की ग्रेडिंग 7 दिन में सुधारने के निर्देश दिए।