सतना-चित्रकूट स्टेट हाइवे का मामला, सैकड़ों वाहन फंसे
सतना। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सरहदों को जोडऩे वाला अधूरा पड़ा स्टेट हाइवे बारिश के मौसम में जानलेवा साबित हो रहा है। दलदल नुमा सतना-चित्रकूट मुख्य मार्ग में दो दिन से लंबा जाम लगा हुआ है। खाईनुमा सड़क में एक सैकड़ा ट्रक, बस व चार पहिया वाहन जाम में फंसे हुए है। बसों में सवार हजारों यात्री दो दिन से भूख के कारण तड़प रहे है। इसी तरह चार पहिया वाहन के श्रद्धालु एक-एक बूंद पानी को मोहताज है। यह पूरा इलाका दस्यु प्रभावित है।
इसलिए जान-माल की सुरक्षा का भी खतरा मडऱा रहा है। कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। स्थानीय प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है। जिला कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने बताया कि अब तक प्रशासनिक रूप से मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभी जानकारी हुई है, मैं दिखवा कर जाम खुलवाने का प्रयास करता हूं।
ये है मामला
बतादें कि, चित्रकूट मार्ग का टेंटर एमपीआरडीसी द्वारा तिरुपति बिल्डकॉन कंपनी को दिया गया था। एमपीआरडीसी की सह पर नियम विरुद्ध तरीके से तिरुपति बिल्डकॉन कंपनी ने पेटी कान्टेक्टरों से पूरा काम करा रही है। ये काम नौ दिन चलय अढ़ाई कोश वाला है। जानकारी के मुताबिक तिरुपति बिल्डकॉन कंपनी को ये प्रोजेक्टर वर्ष 2016 में पूरा करना था। लेकिन जिम्मेदारों के अनदेखी के चलते निर्माण अवधि दो बार बढ़ाई जा चुकी है। कोई रोकने-टोकने वाला और मानीटरिंग करने वाला नहीं। इसलिए पूरे निर्माण कार्य आज भी आधा-अधूरा पड़ा है।
आए दिन लगता है जाम
सतना-चित्रकूट मुख्य मार्ग में जाम का झाम आए दिन होता है। यह केवल एक ही स्थान की तस्वीर है। जबकि मझगंवा से चित्रकूट के बीच जंगल में कई ऐसे स्थान हैं। जहां रोजाना जाम लगता है। बस आपरेटरों की मानें तो रविवार की रात से जाम लगा हुआ है। प्रशासन द्वारा अब तक बहाल नहीं कराया गया। अधूरी और दलदल नुमा सड़क में सैकड़ों की तादाद में ट्रक फंसे हुए है। सब भूख-प्यास के मारे तड़प रहे है। स्थानीय प्रशासन सूचना के बाद भी मामले को नजर अंदाज कर देते है।
करीब 16 घंटे तक लगे जाम में नेपाल के रूपनदेही जिले से दो गडिय़ों में आए 8० लोग भी रविवार रात 12 बजे से फंसे रहे। उनके साथ आए जमना प्रसाद ने बताया कि रात से पानी तक नहीं है, परेशान हो रहे हैं।
दोपहर तक नहीं खुला
रविवार की रात से शुरू हुआ जाम लगने का सिलसिला सोमवार को दोपहर तक नहीं खोला जा सका। हालांकि मामले में मझगवां एसडीएम ओमनारायण सिंह ने कहा कि प्रशासन ने जाम खोलने की समुचित व्यवस्था कर दी है और जेसीबी के माध्यम से मिट्टी कीचड़ हटाने का काम किया जा रहा है। साथ ही पुलिस व्यवस्था भी कर दी गई है। सूत्रों की मानें तो मौके पर प्रशासन का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। जहां तक जेसीबी भेजने की बात है तो दोपहर बाद पहुंच सकी। इसके बाद काम शुरू हुआ, तो शाम के वक्त वाहनों का निकलना शुरू हो सका।