जेएफसीस कोर्ट नगौद ने सुनाई सजा
सतना. इमारती लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन करने वाले तीन अभियुक्तों को न्यायिक मजिस्टे्रट प्रथम श्रेणी रुपेश कुमार साहू की अदालत ने तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को एक-एक हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया।
अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी विनोद सिंह ने पक्ष रखा। अभियोजन प्रवक्ता फखरुद्दीन ने बताया, वन परिक्षेत्र सहायक पहाड़ी गोविंद प्रसाद पाण्डेय १३ जनवरी २०१३ को अपने परिक्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। तभी उन्होंने लोक निर्माण विभाग की सड़क पर गुढ़ा बिछिया नाले के पास एक ट्रेक्टर ट्राली में इमारती लकड़ी लोड की जा रही है। जो लोग लकड़ी लोड करा रहे थे उन्होंने अपना नाम छोटे सिंह, भोला गड़ारी और राजा भइया बताया।
वन परिक्षेत्र सहायक ने पकड़ा था अवैध परिवहन-
ट्रेक्टर ट्राली में इमारती लकड़ी का अवैध परिवहन करता पाए जाने पर वाहन को जब्त कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ वन अपराध क्रमांक ९७९/९ पंजीबद्ध कर जांच शुरु की गई। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्
कोर्ट ने कहा प्रकरण गंभीर-
न्यायालय ने विचारण के दौरान छोटे सिंह पिता जयमंगल सिंह उम्र ४३ निवासी ग्राम दुवहिया थाना जसो, भोला गड़ारी पिता मुलिया गड़ारी उम्र ४१ निवासी ग्राम शिवरामपुर थाना जसो, राजाभइया पिता कैदीलाल पाल उम्र ३१ निवासी शिवरामपुर थाना जसो के खिलाफ जुर्म प्रमाणित पाया। कोर्ट ने कहा, जब्त की गई इमारती लकड़ी प्रकरण को गंभीर बनाती है। एेसे में आरोपियों के केवल अर्थदण्ड से दण्डित करना न्यायोचित नहीं होगा। तीनों आरोपियों को भारतीय वन अधिनियम १९२७ की धारा ३३ (१ )/ ४१ (क ) और धारा ३३/४२ के तहत तीन-तीन माह के सश्रम कारावास और अर्थदण्ड की सजना सुनाई।